RUHS में BJP कार्यकर्ता का वायरल वीडियो ,मरीज को फोटो खिंचवाने के लिए बिस्कुट दिया फिर लिया वापस!
जयपुर के RUHS अस्पताल में BJP के 'सेवा पखवाड़ा' के दौरान एक वायरल वीडियो ने सनसनी मचा दी। वीडियो में एक BJP महिला कार्यकर्ता कैंसर मरीज को 10 रुपये का बिस्किट पैकेट देती है, फोटो खिंचवाती है, और फिर पैकेट वापस ले लेती है। यह 'फोटोशूट सेवा' सोशल मीडिया पर 'मार्केटिंग स्टंट' के रूप में तीखी आलोचना का शिकार हुई। मरीजों की गरिमा और सेवा पखवाड़ा की सच्चाई पर सवाल उठे, जिसने BJP और अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया।
जयपुर, 4 अक्टूबर 2025: राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल, जयपुर में आयोजित 'सेवा पखवाड़ा' के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सामाजिक सेवा पहल की मंशा पर सवाल उठा दिए हैं। इस 20 सेकंड के वीडियो में एक BJP महिला कार्यकर्ता को कैंसर वार्ड में एक मरीज को 10 रुपये का बिस्किट पैकेट देते, फोटो खिंचवाने और फिर वही पैकेट वापस लेते हुए देखा गया है। इस घटना ने न केवल अस्पताल की सेवा व्यवस्था पर, बल्कि सेवा पखवाड़ा जैसे आयोजनों की सत्यता पर भी बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
3 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हुए इस वीडियो में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र (मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह क्षेत्र) से जुड़ी एक BJP महिला कार्यकर्ता कैंसर वार्ड में मरीजों को बिस्किट बांटती नजर आ रही हैं। वीडियो में दिखता है कि कार्यकर्ता एक कैंसर पीड़िता को बिस्किट का पैकेट देती हैं, मरीज इसे पकड़ते ही फोटो खींची जाती है, और तुरंत बाद कार्यकर्ता मुस्कुराते हुए पैकेट वापस लेकर अपने थैले में रख लेती है। मरीज के चेहरे पर असमंजस और हैरानी साफ दिखाई देती है, जबकि कार्यकर्ता अगले मरीज की ओर बढ़ जाती है। इस दौरान अन्य लोग भी फोटो और वीडियो लेने में व्यस्त दिखते हैं।यह कार्यक्रम श्योपुर मंडल के BJP वार्ड संयोजक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य सेवा पखवाड़ा के तहत मरीजों को फल और बिस्किट वितरित करना बताया गया। हालांकि, वायरल वीडियो ने इस दावे को खोखला साबित कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे 'दिखावे की सेवा' और 'मार्केटिंग स्टंट' करार दिया है। एक यूजर ने लिखा, "10 रुपये का बिस्किट देकर फोटो और फिर वापस लेना? यह मरीजों की मदद नहीं, उनका अपमान है।" एक अन्य पोस्ट में कहा गया, "RUHS जैसे अस्पताल में जहां मरीज पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, वहां ये फोटोशूट शर्मनाक है।"