साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़: सोशल मीडिया हैंडलर भोमाराम का खुलासा - पिता वीरमनाथ के कहने पर की गई पोस्ट, 4 घंटे की देरी की वजह बताई

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में नया खुलासा: उनके सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करने वाले भोमाराम ने बताया कि मौत के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट पिता वीरमनाथ के निर्देश पर डाली गई थी। उद्देश्य न्याय दिलाना था। भोमाराम ने घटना की पूरी टाइमलाइन बताई, जिसमें अस्पताल पहुंचना, पोस्टमॉर्टम टालना, आश्रम में हंगामा और पुलिस की मौजूदगी शामिल है। पुलिस ने 37 लोगों से पूछताछ की, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
February 8, 2026 • 4:49 PM  14.1k
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राजस्थान
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साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़: सोशल मीडिया हैंडलर भोमाराम का खुलासा - पिता वीरमनाथ के कहने पर की गई पोस्ट, 4 घंटे की देरी की वजह बताई
“साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़: सोशल मीडिया हैंडलर भोमाराम का खुलासा - पिता वीरमनाथ के कहने पर की गई पोस्ट, 4 घंटे की देरी की वजह बताई”
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8 Feb 2026
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साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़: सोशल मीडिया हैंडलर भोमाराम का खुलासा - पिता वीरमनाथ के कहने पर की गई पोस्ट, 4 घंटे की देरी की वजह बताई

राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई पोस्ट ने कई सवाल खड़े किए थे, जिसमें ब्रह्मचर्य जीवन, अग्नि परीक्षा और न्याय की मांग का जिक्र था। अब इस पोस्ट को करने वाले व्यक्ति भोमाराम ने सामने आकर पूरी घटना की बारीकियां बताई हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह पोस्ट साध्वी के पिता वीरमनाथ के निर्देश पर ही डाली गई थी, और मौत की सूचना में 4 घंटे की देरी भी इसी कारण हुई।भोमाराम, जो बालोतरा के परेऊ गांव के रहने वाले हैं, लंबे समय से साध्वी प्रेम बाईसा के साथ जुड़े हुए थे। वे उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करते थे और फोटो फ्रेम बनाने का भी काम करते थे।

घटना की टाइमलाइन जैसी भोमाराम ने बताई

शाम 6:52 बजे: भोमाराम को वीरमनाथ के फोन से कॉल आया। कॉल पर सुरेश नाम के व्यक्ति ने बात की और कहा कि बाईसा की तबीयत खराब है, प्रेक्षा हॉस्पिटल आ जाओ।शाम 7:31 बजे: भोमाराम प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो चुका था। अस्पताल में वीरमनाथ और आश्रम के कुछ लोग मौजूद थे।डॉक्टर की सलाह: डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम के लिए कहा, लेकिन वीरमनाथ ने इसे टालते हुए कहा कि पहले बाईसा को सम्मानपूर्वक आश्रम ले जाएंगे, श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे और संत-महात्माओं को आने का मौका देंगे। पोस्टमॉर्टम ब्रह्म मुहूर्त में करवाएंगे।रात 8:45 बजे: सभी प्रेक्षा हॉस्पिटल से निकले। रास्ते में कई संतों को फोन कर सूचना दी गई।आश्रम पहुंचने के बाद: आरती नगर आश्रम पहुंचने पर वीरमनाथ ने भोमाराम को पोस्ट करने को कहा। भोमाराम ने ठीक रात 9:38 बजे इंस्टाग्राम पर पोस्ट डाली, जिसमें न्याय की अपील थी।

भोमाराम ने स्पष्ट किया कि पोस्ट का उद्देश्य लोगों को सूचित करना और साध्वी को न्याय दिलवाना था, क्योंकि हाल के दिनों में वायरल वीडियो से उन्हें बदनाम करने की कोशिश हो रही थी। उन्होंने कहा, "जैसा वीरमनाथ ने कहा, वैसा ही मैंने लिखकर पोस्ट कर दिया।"

आश्रम में हंगामा और पुलिस की भूमिका

आश्रम पहुंचने के बाद भक्तों की भीड़ जुटने लगी। पोस्ट वायरल होने पर और लोग पहुंचे। इसी बीच 4-5 युवकों ने विरोध शुरू किया, न्याय के नारे लगाए और हाथापाई की। उन्होंने एक गाड़ी के टायर की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पोस्टमॉर्टम के लिए शरीर को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया।भोमाराम ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उस समय माहौल खराब किया, वे बाद में साध्वी की समाधि के दौरान नजर नहीं आए।

जांच की स्थिति

पुलिस ने अब तक 37 लोगों से पूछताछ की है।एसआईटी (विशेष जांच दल) ने भोमाराम से भी एक बार पूछताछ की है।आश्रम एक साल पुराना है, लेकिन वहां कैमरे नहीं लगे थे (हालांकि अंडरलाइन डाली हुई है)।मौत का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य जांच जारी है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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