चीन की अवैध सोनोग्राफी मशीन के साथ सप्लायर गिरफ्तार, भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर में पीसीपीएनडीटी टीम ने कोलकाता से आए सप्लायर अमिताभ भादुरी को चीन निर्मित पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के साथ गिरफ्तार किया। दो महीने की जांच के बाद यह कार्रवाई हुई, जिससे भ्रूण लिंग जांच के अवैध गिरोह का खुलासा हुआ।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 28, 2025 • 1:04 AM  1k
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चीन की अवैध सोनोग्राफी मशीन के साथ सप्लायर गिरफ्तार, भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश
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चीन की अवैध सोनोग्राफी मशीन के साथ सप्लायर गिरफ्तार, भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता से आए एक सप्लायर को चीन निर्मित पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के साथ गिरफ्तार किया है। यह मशीन गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग की जांच के लिए उपयोग की जाती थी, जो भारत में प्रतिबंधित है। गिरफ्तार सप्लायर की पहचान पश्चिम बंगाल के हुगली निवासी अमिताभ भादुरी (45) के रूप में हुई है। इस कार्रवाई से एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो देशभर में ऐसी मशीनों की अवैध बिक्री कर रहा था।

दो महीने की रेकी के बाद कार्रवाई

पीसीपीएनडीटी के एमडी डॉ. अमित यादव ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि देश के कई राज्यों में चीन निर्मित पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों की तस्करी और बिक्री हो रही है। इसके बाद एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने दो महीने तक गहन जांच की। टीम ने सप्लायर बनकर आरोपी से संपर्क किया और 6.25 लाख रुपये में मशीन की डील फाइनल की। एडवांस पेमेंट ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद आरोपी जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से वह सेंट्रल पार्क की ओर रवाना हुआ, जहां पीसीपीएनडीटी टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

मशीन की कीमत 7 से 10 लाख रुपये

पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन की कीमत 7 से 10 लाख रुपये के बीच बताई है। यह मशीन इतनी कॉम्पैक्ट है कि इसे एक छोटे सूटकेस में आसानी से रखा जा सकता है। इसके साथ जरूरी उपकरण भी दिए जाते हैं। पूछताछ में पता चला कि यह मशीन कोलकाता की एक निजी हेल्थकेयर कंपनी के डॉक्टर आदित्य मुरारका से लाई गई थी।

अंतरराज्यीय तस्करी का नेटवर्क

पीबीआई थाने के एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि यह मशीनें चीन में बनाई जाती हैं और तस्करी के जरिए भारत लाई जाती हैं। इससे जुड़ा गिरोह इन्हें देश के विभिन्न राज्यों में 7 से 10 लाख रुपये में बेचता था। इस कार्रवाई को कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस ने कोलकाता में गिरोह के मुख्य सरगना और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय प्रशासन को सूचित किया है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना है।

आरोपी का वॉइस मैसेज

गिरफ्तारी से ठीक पहले आरोपी ने अपने मुख्य सरगना डॉ. आदित्य मुरारका को एक वॉइस मैसेज भेजा, जिसमें उसने कहा, "मैं सुरक्षा के लिहाज से वेटिंग एरिया में रुका हूं। कंपनी का पैसा भी बचा रहा हूं। बचे हुए पैसों से अच्छा खाना खाऊंगा। वैसे भी डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है और वो डॉन हो आप।" इस मैसेज के कुछ ही मिनट बाद पीसीपीएनडीटी टीम ने उसे धर दबोचा।

डॉ. जाखड़ ने कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए पूरे नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है। पुलिस और प्रशासन मिलकर आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कार्रवाई न केवल अवैध मशीनों की बिक्री को रोकने में मदद करेगी, बल्कि समाज में लिंग भेदभाव को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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