“जोधपुर–पाली–बालोतरा उद्योगों पर सख्ती! जस्टिस संगीतजी लोढ़ा रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को”
सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर, पाली और बालोतरा के औद्योगिक प्रदूषण से जुड़ी जस्टिस संगीतजी लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट में जोजरी, बांदी और लूणी नदियों में फैल रहे औद्योगिक कचरे को लेकर सख्त सुझाव दिए गए हैं, जिनमें Zero Liquid Discharge लागू करने, CETP अपग्रेड और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की सिफारिश शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 तय की है, जिसमें उद्योगों और प्रशासन की जवाबदेही पर अहम निर्णय हो सकता है।
पश्चिमी राजस्थान की जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण को लेकर चल रहे अहम मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जस्टिस (सेवानिवृत्त) संगीतजी लोढ़ा की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 को होगी।यह मामला मूल रूप से जोधपुर, पाली और बालोतरा के औद्योगिक क्षेत्रों—खासकर टेक्सटाइल व डाईंग यूनिट्स—से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के कारण नदियों में बढ़ते प्रदूषण से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे लगभग 20 लाख लोगों के जीवन और पेयजल स्रोतों से जुड़ा गंभीर विषय माना था।
जस्टिस लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट में क्या प्रमुख बिंदु? रिपोर्ट में निम्न तकनीकी और प्रशासनिक सुझाव सामने आए हैं—
1️⃣ Zero Liquid Discharge (ZLD) सख्ती से लागू