राजस्थान के इन कस्बों का होगा कायाकल्प, देंगे बड़े शहरों को टक्कर; जानिए सरकार का प्लान
राजस्थान सरकार जयपुर के आसपास सैटेलाइट टाउन विकसित कर रही है ताकि शहर का दबाव कम हो, फिजिबिलिटी स्टडी शुरू हो चुकी है और मेट्रो कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। इन टाउन में 24x7 पानी, सीवरेज और जीरो वेस्ट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
राजस्थान की राजधानी जयपुर पर बढ़ते जनसंख्या के दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत जयपुर के आसपास के कस्बों को सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि इस योजना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी शुरू हो चुकी है और एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ बातचीत चल रही है। अगले कुछ महीनों में इसकी संभावना रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।
गुजरात और हैदराबाद की तर्ज पर विकास
यूडीएच विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गुजरात की गिफ्ट सिटी और हैदराबाद की हाईटेक सिटी की तर्ज पर सैटेलाइट टाउन विकसित करने की योजना है। बस्सी, बगरू, चौमूं, चाकसू, जोबनेर और कोटपूतली जैसे कस्बों को इस योजना के तहत चुना गया है। इन कस्बों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए जयपुर से मेट्रो के माध्यम से जोड़ा जाएगा। खर्रा ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए स्थान और योजना तय होने के बाद परिवहन संपर्क के लिए एक नई फिजिबिलिटी स्टडी भी की जाएगी।
स्थानीय लोगों को मिलेंगी सभी सुविधाएं
सैटेलाइट टाउन के विकास से स्थानीय लोगों को नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बड़े पार्क, शॉपिंग सेंटर और मॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जयपुर की ओर पलायन कम होगा। साथ ही, इन कस्बों में प्रॉपर्टी की कीमतें जयपुर की तुलना में कम होने से लोग इन्हें रहने और आर्थिक गतिविधियों के लिए प्राथमिकता देंगे। भजनलाल सरकार ने अपने पहले बजट (2024-25) में इस योजना की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य जयपुर जैसे बड़े शहरों पर आबादी का बोझ कम करना और सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है।