गुजरात-राजस्थान की सीमा पर बसी गरासिया जनजाति में सदियों से प्रचलित है ‘लिव-इन’ जैसी परंपरा ...

महिलाओं को साथी चुनने की आज़ादी, समाज भी देता है स्वीकृति...गरासिया जनजाति में न तो दहेज प्रथा है, न ही शादी को लेकर कोई भव्य आयोजन की बाध्यता। यदि लिव-इन संबंध समय के साथ मजबूत होता है, तो परिवार उसे एक प्रकार का विवाह मान लेते हैं।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
May 29, 2025 • 5:57 PM  168
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गुजरात-राजस्थान की सीमा पर बसी गरासिया  जनजाति में सदियों से प्रचलित है ‘लिव-इन’ जैसी परंपरा ...
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29 May 2025
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गुजरात-राजस्थान की सीमा पर बसी गरासिया  जनजाति में सदियों से प्रचलित है ‘लिव-इन’ जैसी परंपरा ...

जहाँ देश के शहरी हिस्सों में 'लिव-इन रिलेशनशिप' को लेकर आज भी सामाजिक बहस छिड़ी रहती है, वहीं राजस्थान-गुजरात की सीमाओं पर निवास करने वाली गरासिया जनजाति में यह परंपरा सदियों से सहज और सामाजिक स्वीकृति के साथ चली आ रही है।

क्या है गरासिया जनजाति की यह परंपरा?

गरासिया जनजाति मुख्यत दक्षिणी राजस्थान बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और उत्तर-पूर्वी गुजरात सबरकांठा, बनासकांठा, पंचमहल की पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। यहाँ युवक और युवती के बीच विवाह से पूर्व सहजीवन लिव-इन रिलेशनशिप को सामाजिक मान्यता प्राप्त है।

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