विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, पहले भी ले चुका था 35 हजार हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ट्रेप

ड कांस्टेबल कृष्ण कुमार को विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, इससे पहले वह 35 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। यह रिश्वत लूट के मुकदमे में राहत और गाड़ी छोड़ने के लिए थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम पर मांगी गई थी।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
August 4, 2025 • 4:10 PM  261
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विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, पहले भी ले चुका था 35 हजार हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ट्रेप
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विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, पहले भी ले चुका था 35 हजार हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ट्रेप

राजसमंद जिले के खमनोर थाने से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार को विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई विजिलेंस यूनिट इंचार्ज सोनू शेखावत के नेतृत्व में की गई। हैरानी की बात यह है कि कृष्ण कुमार ने परिवादी से पहले भी 35 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। यह रिश्वत कथित तौर पर खमनोर थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम पर ली गई थी।

लूट के मुकदमे में राहत के बदले मांगी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ने परिवादी से लूट के एक मुकदमे में आरोपी नहीं बनाने और उनकी गाड़ी छोड़ने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी ने जब इसकी शिकायत विजिलेंस यूनिट से की, तो यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। इस ऑपरेशन में कृष्ण कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसने पहले 35 हजार रुपये की रिश्वत परिवादी से वसूल की थी, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

थाना अधिकारी के नाम पर रिश्वत का खेल

हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ने कथित तौर पर खमनोर थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग की थी। यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को कमजोर करती हैं। परिवादी ने बताया कि उन्हें इस रिश्वतखोरी से बचने के लिए मजबूरन विजिलेंस यूनिट का सहारा लेना पड़ा।

विजिलेंस यूनिट की त्वरित कार्रवाई

विजिलेंस यूनिट इंचार्ज सोनू शेखावत के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। शिकायत मिलते ही यूनिट ने पूरी तत्परता से जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर हेड कांस्टेबल को ट्रेप करने की योजना बनाई। इस कार्रवाई में विजिलेंस टीम ने परिवादी के सहयोग से रिश्वत लेने की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया और कृष्ण कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जनता में आक्रोश, पुलिस विभाग पर सवाल

इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। खमनोर के निवासियों का कहना है कि पुलिस, जो जनता की सुरक्षा और न्याय की रक्षा के लिए है, वहां इस तरह की रिश्वतखोरी की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस विभाग में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है।

विजिलेंस यूनिट ने हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच का विषय है कि क्या थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत का इस मामले में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोल था। विजिलेंस यूनिट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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