विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, पहले भी ले चुका था 35 हजार हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ट्रेप
ड कांस्टेबल कृष्ण कुमार को विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, इससे पहले वह 35 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। यह रिश्वत लूट के मुकदमे में राहत और गाड़ी छोड़ने के लिए थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम पर मांगी गई थी।
राजसमंद जिले के खमनोर थाने से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार को विजिलेंस यूनिट ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई विजिलेंस यूनिट इंचार्ज सोनू शेखावत के नेतृत्व में की गई। हैरानी की बात यह है कि कृष्ण कुमार ने परिवादी से पहले भी 35 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। यह रिश्वत कथित तौर पर खमनोर थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम पर ली गई थी।
लूट के मुकदमे में राहत के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ने परिवादी से लूट के एक मुकदमे में आरोपी नहीं बनाने और उनकी गाड़ी छोड़ने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी ने जब इसकी शिकायत विजिलेंस यूनिट से की, तो यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। इस ऑपरेशन में कृष्ण कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसने पहले 35 हजार रुपये की रिश्वत परिवादी से वसूल की थी, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
थाना अधिकारी के नाम पर रिश्वत का खेल
हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ने कथित तौर पर खमनोर थाना अधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग की थी। यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को कमजोर करती हैं। परिवादी ने बताया कि उन्हें इस रिश्वतखोरी से बचने के लिए मजबूरन विजिलेंस यूनिट का सहारा लेना पड़ा।