यूट्यूबर ने बिल्डर्स से दोस्ती कर किया ब्लैकमेल दो करोड़ रुपए लेकर फरार
कीर्ति पटेल, alias कीर्ति आदलजा, 2 करोड़ के वसूली मामले में एक साल से फरार थीं, लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रिय रहीं। सूरत के बिल्डर को हनी-ट्रैप में फंसाकर वसूली के आरोप में पुलिस ने टेक्नोलॉजी का उपयोग कर उन्हें पकड़ा। उनके खिलाफ गुजरात में 10 FIR दर्ज हैं।
कीर्ति पटेल, जिन्हें कीर्ति आदलजा के नाम से भी जाना जाता है, एक हाई-प्रोफाइल 2 करोड़ रुपये के वसूली मामले में एक साल से अधिक समय तक पुलिस से फरार रहीं। इसके बावजूद, उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बनाए रखी, धमकी भरे वीडियो अपलोड किए और इंस्टाग्राम व यूट्यूब पर नियमित पोस्ट साझा किए। पुलिस ने आखिरकार टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की। यह मामला 2 जून, 2024 को फिर से सुर्खियों में आया, जब सूरत के एक बिल्डर, वाजु कात्रोडिया को कथित तौर पर हनी-ट्रैप में फंसाने के आरोप में उनका नाम सामने आया।
हनी-ट्रैप और वसूली का मामला
पुलिस के अनुसार, कीर्ति पटेल ने सह-आरोपियों विजय सवानी, जाकिर पठान और जानवी उर्फ मनीषा गोस्वामी के साथ मिलकर बिल्डर को एक संपत्ति विवाद को सुलझाने के बहाने एक फार्महाउस में बुलाया। वहां, बिल्डर को शराब पिलाई गई और जानवी के साथ उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें ली गईं। इन तस्वीरों का उपयोग बाद में बिल्डर से 2 करोड़ रुपये की वसूली के लिए किया गया। FIR में यह भी उल्लेख है कि कीर्ति और सवानी ने पहले सोशल मीडिया पर बिल्डर को बदनाम किया और संपत्ति विवाद से जुड़ी धमकियां दी थीं। यह अपराध जून 2023 में दर्ज किया गया था, लेकिन कीर्ति हाल ही तक फरार थीं।
सोशल मीडिया पर बदनाम छवि और धमकियां
कीर्ति पटेल ने सोशल मीडिया को अपने प्रभाव का हथियार बनाया। पुलिस का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर एक बदनाम छवि बनाई, जिसमें अपमानजनक वीडियो और प्रतिद्वंद्वियों को खुली धमकियां शामिल थीं। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह उनकी रणनीति का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य लक्षित लोगों पर प्रभुत्व स्थापित करना और शिकायतकर्ताओं को डराना था। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस साल की शुरुआत में प्रयागराज में महाकुंभ के पोस्ट और अप्रैल में उनके जन्मदिन पर फॉलोवर्स के लिए एक वीडियो संदेश भी शामिल था। यूट्यूब पर उनके 2 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं, जहां उन्होंने 2019 में अपना अकाउंट शुरू किया था।