33 साल पुराने फायरिंग केस में 84 वर्षीय बुजुर्ग को सजा, कांपते हाथ-पाँव से जेल पहुंचे बुजुर्ग ...
बिहार के छपरा में 1992 के एक फायरिंग मामले में 33 साल बाद अदालत ने 84 वर्षीय आरोपी दीप राय को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। मामले के अन्य चार आरोपी समय के साथ दुनिया छोड़ चुके हैं, जबकि इकलौते जीवित बचे आरोपी को अब सजा मिली है।
जिस गुनाह की कहानी 33 साल पहले लिखी गई थी, उसकी आखिरी किश्त अब अदालत के कमरे में पूरी हुई। बिहार के छपरा जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ एक आपराधिक मुकदमे का अंत है, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था में होने वाली देरी पर भी कई सवाल खड़े करता है। करीब 33 वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने 84 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी दीप राय को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।
33 साल पहले का गुनाह
मामला 10 मई 1992 का है। उस समय बिहार के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के चलते एक दंपति पर जानलेवा हमला और फायरिंग की घटना हुई थी। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दीप राय समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। घटना के बाद जांच शुरू हुई और मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया इतनी लंबी चली कि एक पूरी पीढ़ी गुजर गई।
4 आरोपियों को मौत
समय के साथ इस मामले के चार आरोपियों की मौत हो गई। लेकिन दीप राय के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। अदालत में वर्षों तक सुनवाई, गवाहों के बयान और कानूनी बहस का दौर चलता रहा। आखिरकार अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर दीप राय को दोषी मानते हुए जेल भेजने का फैसला सुनाया।