बाड़मेर चिकित्सक अधीक्षक : शराब पीकर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
बाड़मेर के भियाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक अधीक्षक डॉ. अमृत लाल पर 12 मई 2025 को शराब पीकर स्टाफ नर्स के साथ गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का आरोप। कर्मचारियों की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने डॉ. अमृत लाल को तत्काल प्रभाव से गिराब स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित किया। स्टाफ ने पहले भी उनके दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। मामले की जांच जारी, सख्त कार्रवाई की मांग।
12 मई 2025 बाड़मेर: बाड़मेर के भियाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक डॉ. अमृत लाल ने कथित तौर पर शराब के नशे में स्टाफ सदस्यों पूजा कुमारी और विनु चौधरी के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। 12 मई की शाम को कथित तौर पर शराब के नशे में धुत डॉ. अमृत लाल ने स्टाफ नर्स के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की कोशिश की, और जान से मारने की धमकी दी ,अभद्र व्यवहार किया। इस घटना ने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई अनहोनी घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी डॉ. अमृत लाल की होगी।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि इस तरह की घटनाएं डॉ. अमृत लाल द्वारा पहले भी की जा चुकी हैं, और पूर्व में उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रभावित स्टाफ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। शिकायत में कहा गया कि डॉ. अमृत लाल की इस हरकत से कार्यस्थल पर असुरक्षा का माहौल है, और यदि कोई अनहोनी घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी डॉ. अमृत लाल की होगी। स्टाफ ने मांग की है कि डॉ. अमृत लाल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासनिक कार्रवाई
शिकायत के बाद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बाड़मेर ने प्रशासनिक कारणों से त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. अमृत लाल को तत्काल प्रभाव से भियाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हटाकर चिकित्सक-रहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गिराब में स्थानांतरित कर दिया। यह निर्णय कार्यस्थल पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया। हालांकि, स्टाफ और स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण मात्र एक औपचारिक कार्रवाई है, और डॉ. अमृत लाल के खिलाफ आपराधिक जांच और निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।