प्री डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा में धोखाधड़ी: एक उम्मीदवार की जगह दूसरे ने फर्जी आईडी से परीक्षा दी.

धौलपुर में प्री डी.एल.एड. परीक्षा 2025 में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया। हरिओम और सोनू कुन्तल ने 23 हजार रुपये के सौदे में फर्जी आईडी बनाकर एक उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी। नतीजा केवल 375 अंक रहा, कॉलेज आवंटन नहीं हुआ। शिकायत पर जोधपुर के खांडा फलसा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई, जिसे धौलपुर कोतवाली ट्रांसफर किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ का केस दर्ज कर जांच शुरू की।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 16, 2025 • 1:16 PM  9
क्राइम
NEWS CARD
Logo
प्री डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा में धोखाधड़ी: एक उम्मीदवार की जगह दूसरे ने फर्जी आईडी से परीक्षा दी.
“प्री डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा में धोखाधड़ी: एक उम्मीदवार की जगह दूसरे ने फर्जी आईडी से परीक्षा दी.”
Favicon
Read more on thekhatak.com
16 Sep 2025
https://thekhatak.com/Pre-DLEd-Exam-Fraud-Fake-ID-Used-for-Test.
Google News
Copied
प्री डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा में धोखाधड़ी: एक उम्मीदवार की जगह दूसरे ने फर्जी आईडी से परीक्षा दी.

राजस्थान के धौलपुर जिले में प्री डी.एल.एड. (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रवेश परीक्षा 2025 के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में दो व्यक्तियों पर एक उम्मीदवार की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा दिलवाने का आरोप लगा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोनों आरोपी धौलपुर के ही निवासी बताए जा रहे हैं। मामला जोधपुर के खांडा फलसा थाने में शुरू होने के बाद धौलपुर कोतवाली को ट्रांसफर कर दिया गया है।

घटना का पूरा विवरण

प्री डी.एल.एड. परीक्षा, जो राज्य स्तर पर शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है, इस साल जून-जुलाई में संपन्न हुई थी। धौलपुर के एक उम्मीदवार ने अच्छे अंक लाने का वादा करते हुए मध्यस्थों के जरिए एक सौदा किया। आरोपी हरिओम (पुत्र सुरेशचंद नाई, अतरोली गांव दिहौली थाना क्षेत्र के निवासी) और सोनू कुन्तल (धौलपुर शहर निवासी) ने मिलकर उम्मीदवार की फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान पत्र (आईडी) तैयार किया। इस फर्जी आईडी के आधार पर सोनू कुन्तल ने परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी।सौदे के तहत कुल 23 हजार रुपये का लेन-देन तय हुआ था। इसमें से शुरुआती राशि परीक्षा से पहले ही दे दी गई थी, जबकि बाकी राशि परीक्षा के बाद अंक दिखाने पर देने की बात कही गई। लेकिन परीक्षा परिणाम आने पर उम्मीदवार को केवल 375 अंक ही मिले, जो कट-ऑफ से काफी कम थे। इसके चलते किसी कॉलेज में प्रवेश नहीं मिला। नतीजतन, उम्मीदवार ने शेष राशि देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद हुआ।पीड़ित उम्मीदवार ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जोधपुर के खांडा फलसा थाने में जीरो एफआईआर (शून्य संख्या वाली प्रारंभिक रिपोर्ट) दर्ज की गई। चूंकि आरोपी और घटना धौलपुर से जुड़ी हुई है, इसलिए मामला धौलपुर कोतवाली थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने राजस्थान की परीक्षा प्रणाली में हेराफेरी करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के आरोपों के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter