अवैध बजरी खनन पर प्रशासन की सख्ती, कोलायत में 16.85 करोड़ का जुर्माना
बीकानेर के श्रीकोलायत में अवैध बजरी खनन पर माइन्स और रेवेन्यू विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए हाडला भाटियान में 16.85 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और रॉयल्टी वसूली की मनमानी से बजरी की कीमतें बढ़ीं और उपलब्धता घटी।
बीकानेर के श्रीकोलायत क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। माइन्स और रेवेन्यू विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कोलायत तहसील के हाडला भाटियान क्षेत्र में अवैध खनन पर 16 करोड़ 85 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई न केवल अवैध खनन पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि क्षेत्र में व्याप्त माफिया राज को रोकने की कोशिश भी दर्शाती है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कोलायत में ऐसे दर्जनों खेत हैं, जहां लंबे समय से अवैध खनन का खेल चल रहा है, और यह समस्या अब भी बाजार में बजरी की उपलब्धता और कीमतों को प्रभावित कर रही है।
खातेदारी भूमि पर बिना अनुमति खनन, तीन खातेदारों पर कार्रवाई
खनिज अभियंता महेश प्रकाश पुरोहित ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ आकस्मिक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को कोलायत तहसील के हाडला भाटियान क्षेत्र में खातेदारी भूमि पर अवैध बजरी खनन की सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर खनिज विभाग के तकनीकी कर्मचारी रमेश गहलोत, खनि कार्यदेशक संतोष डूडी और हल्का पटवारी वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया।
मौके पर पाया गया कि उक्त भूमि खातेदार जगमाल सिंह, छैलूसिंह और नारायणी कंवर की है। हल्का पटवारी ने स्पष्ट किया कि इस भूमि पर खनिज विभाग की ओर से खनन के लिए कोई स्वीकृति जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद, 2 लाख 80 हजार 8 सौ टन बजरी का अवैध खनन किया गया। विभाग ने इसे अवैध मानते हुए मौका पंचनामा तैयार किया और तीनों खातेदारों पर 16.85 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।