मां ने 16 हजार और 10 साड़ियों के लिए 12 साल की बेटी को बेचा, दरिंदों ने बनाया शिकार
वाराणसी के सारनाथ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने चंद रुपयों और साड़ियों के लालच में अपनी 12 साल की बेटी को बेच दिया।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। बिहार की अरवल निवासी एक महिला ने महज 16 हजार रुपये और 10 साड़ियों के लालच में आकर अपनी 12 साल की मासूम बेटी को दरिंदों के हाथों बेच दिया। इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने नाबालिग को एक ऑटो चालक के चंगुल से मुक्त कराया।
ट्रेन में हुई मुलाकात और फिर सौदेबाजी
पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग की मां की मुलाकात ट्रेन में यात्रा के दौरान चंदौली के बलुआ हरधन निवासी लहरू यादव उर्फ राकेश से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी लहरू यादव ने महिला के सामने उसकी बेटी को खरीदने का प्रस्ताव रखा। मां ने पैसों और कपड़ों के लालच में अपनी बेटी का सौदा कर दिया। आरोपी लहरू ने महिला को 16 हजार रुपये नकद और 10 साड़ियां दीं और नाबालिग को अपने साथ ले गया।
शादी का ढोंग और चार महीने की दरिंदगी
आरोपी लहरू यादव पहले से ही दो बच्चों का पिता है और उसकी पत्नी का निधन हो चुका है। कम उम्र का दिखने के लिए उसने दिल्ली जाकर 90 हजार रुपये खर्च कर हेयर ट्रांसप्लांट भी कराया था। उसने पीड़िता से चहनिया क्षेत्र के एक मंदिर में शादी का नाटक किया, लेकिन उसे अपनी पत्नी का दर्जा नहीं दिया। आरोपी ने उसे चार महीने तक बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। 19 मई को आरोपी ने नाबालिग को बनारस रेलवे स्टेशन के मंडुवाडीह इलाके में छोड़कर फरार हो गया।