दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार के दो बड़े फैसले: मजदूरों को 10 हजार रुपये की सहायता और 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं। निर्माण कार्यों पर रोक से प्रभावित पंजीकृत मजदूरों को डीबीटी से 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। साथ ही, सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया गया है, जबकि आवश्यक सेवाओं को छूट मिलेगी। ये कदम प्रदूषण नियंत्रण और प्रभावितों की मदद के लिए उठाए गए हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 17, 2025 • 11:53 AM  14
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दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार के दो बड़े फैसले: मजदूरों को 10 हजार रुपये की सहायता और 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
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दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार के दो बड़े फैसले: मजदूरों को 10 हजार रुपये की सहायता और 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। 17 दिसंबर 2025 को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा, जो सुबह के समय 328 से 378 के बीच दर्ज किया गया। GRAP (Graded Response Action Plan) के सख्त नियम लागू होने के कारण निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है, जिससे हजारों दिहाड़ी मजदूर प्रभावित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनकी घोषणा 16 दिसंबर को की गई।

पहला फैसला: निर्माण मजदूरों को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता GRAP-3 और GRAP-4 के तहत निर्माण एवं तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगने से प्रभावित पंजीकृत (रजिस्टर्ड) निर्माण मजदूरों को दिल्ली सरकार 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान करेगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मजदूरों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। दिल्ली के श्रम विभाग और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि GRAP-3 के दौरान करीब 16 दिनों तक निर्माण कार्य बंद रहने से मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई थी। यह सहायता केवल उन मजदूरों को मिलेगी जो दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड में रजिस्टर्ड और वेरिफाइड हैं। सरकार का उद्देश्य मजदूरों को आर्थिक राहत प्रदान करना है, क्योंकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगी रोक से उनकी दिहाड़ी बंद हो गई है। पिछले वर्षों में भी ऐसी रोक के दौरान सरकार ने मजदूरों को 5,000 से 8,000 रुपये तक की सहायता दी थी, लेकिन इस बार राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये की गई है, जो हालात की गंभीरता को दर्शाती है।

दूसरा फैसला: सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य 18 दिसंबर 2025 से दिल्ली के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि दफ्तरों में केवल 50% स्टाफ ही मौजूद रहेगा, बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। हालांकि, स्वास्थ्य, पुलिस, आपातकालीन सेवाएं और अन्य आवश्यक सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है। नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों या संस्थानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम वाहनों के उपयोग को कम करने और प्रदूषण में योगदान देने वाले ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि यह आदेश GRAP के तहत प्रदूषण कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। साथ ही, PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट न होने वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा, और BS-VI से नीचे के गैर-दिल्ली वाहनों के प्रवेश पर भी सख्ती बढ़ाई गई है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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