धनतेरस का स्वर्णिम सौगात CM भजनलाल शर्मा देंगे दिवाली से पहले किसानों के खातों में अनमोल उपहार.
धनतेरस के शुभ अवसर पर राजस्थान सरकार ने 'मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' की चतुर्थ किश्त के तहत 71.8 लाख किसानों को 718 करोड़ रुपये वितरित किए। प्रति किसान 1,000 रुपये की राशि सीधे खातों में हस्तांतरित हुई। नदबई, भरतपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। पीएम-किसान योजना के साथ मिलकर अब किसानों को प्रतिवर्ष 9,000 रुपये (6,000+3,000) मिलेंगे। यह कदम किसानों की आर्थिक मजबूती और राज्य की कृषि समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर है।
जयपुर, 18 अक्टूबर 2025: दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर राजस्थान सरकार ने अपने अन्नदाताओं के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा तैयार किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में 'मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' की चतुर्थ किश्त के रूप में 71.8 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में कुल 718 करोड़ रुपये की भारी भरकम सीधे हस्तांतरित की जाएगी। यह राशि प्रति किसान 1,000 रुपये की दर से वितरित होगी, जो न केवल किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाएगी, बल्कि उनकी आर्थिक मजबूती को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह कदम केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के साथ मिलकर किसानों को प्रतिवर्ष 9,000 रुपये तक की सहायता सुनिश्चित करेगा, जो पहले 6,000 रुपये थी।
धनतेरस पर ऐतिहासिक हस्तांतरण कार्यक्रम: नदबई में बजेगी किसानों की जयकारा
आज दोपहर 1:00 बजे भरतपुर जिले के नदबई में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान होंगे। एक साधारण क्लिक से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से यह विशाल राशि किसानों के खातों में जमा हो जाएगी। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार देवतवाल ने बताया कि यह चौथी किश्त धनतेरस के शुभ अवसर पर विशेष रूप से निर्धारित की गई है, ताकि किसान अपने परिवार के साथ पर्व की खरीदारी और कृषि कार्यों के लिए तत्काल उपयोग कर सकें। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्रों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, जिससे दूर-दराज के किसान भी इस क्षण का साक्षी बन सकें।राजस्थान सरकार के इस प्रयास से न केवल छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, "किसान हमारा अन्नदाता है, और यह सौगात उनके कल्याण का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर किसान आत्मनिर्भर बने और उनकी हर मुश्किल में सरकार उनका साथ दे।" यह कार्यक्रम 'अन्नदाता उत्थान संकल्प' का हिस्सा है, जो किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।