बाड़मेर-बालोतरा जिला सीमा फेरबदल: धोरीमन्ना में पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी का अनिश्चितकालीन धरना जारी, ठंड में गुजारी दूसरी रात
राजस्थान सरकार द्वारा 31 दिसंबर को जारी अधिसूचना से बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल किया गया, जिसमें धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को बालोतरा में शामिल कर बायतु को बाड़मेर में लाया गया। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में धोरीमन्ना में अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जहां ठंड में रातें गुजारकर विरोध जताया जा रहा है। कांग्रेस इसे जनविरोधी और राजनीतिक मकसद वाला बता रही है, जबकि भाजपा समर्थक खुश हैं। यह फैसला प्रशासनिक सुविधाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है।
राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में हुए हालिया फेरबदल के खिलाफ धोरीमन्ना में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में चल रहा धरना चौथे दिन भी जारी है। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद हेमाराम चौधरी ने लगातार दूसरी रात धरना स्थल पर गुजारी और ऐलान किया कि जब तक उनके शरीर में सांस है, तब तक वे धरने पर डटे रहेंगे।
क्या है विवाद की जड़? राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को राजस्व विभाग के माध्यम से एक अधिसूचना जारी की, जो 2 जनवरी 2026 की रात को सार्वजनिक हुई। इस अधिसूचना के तहत:बाड़मेर जिले से धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंडों को हटाकर नए जिले बालोतरा में शामिल कर दिया गया।वहीं, बालोतरा से बायतु उपखंड को वापस बाड़मेर जिले में जोड़ा गया।इसके अलावा, गुड़ामालानी और बायतु विधानसभा क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भी बदलाव किए गए, जैसे बायतु की गिड़ा और पाटोदी तहसील बालोतरा में बनी रहीं, जबकि मुख्य बायतु बाड़मेर में चला गया।