900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़: पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा चलाने को राज्यपाल ने दी मंजूरी
राजस्थान के पूर्व जलदाय मंत्री और कांग्रेस नेता महेश जोशी के खिलाफ जल जीवन मिशन से जुड़े 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा चलाने की मंजूरी राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने दे दी है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद ईडी और एसीबी दोनों अब अलग-अलग कोर्ट में मुकदमा चला सकेंगे। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने बेटे की फर्म के जरिए ठेकेदारों से रिश्वत ली, जिसमें 50-55 लाख रुपये का लेन-देन शामिल है। अप्रैल 2025 में गिरफ्तारी के बाद वे 7 महीने जेल में रहे और दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। जोशी खुद को निर्दोष बताते हैं और इसे राजनीतिक साजिश करार देते हैं। यह मामला पूर्व गहलोत सरकार के दौरान योजना क्रियान्वयन में फर्जीवाड़े, फर्जी सर्टिफिकेट और रिश्वत से जुड़ा है।
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विकास हुआ है। पूर्व जलदाय मंत्री और कांग्रेस नेता महेश जोशी के खिलाफ जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission - JJM) से जुड़े कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का मुकदमा चलाने की राह साफ हो गई है। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत महेश जोशी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति (sanction to prosecute) प्रदान कर दी है।
यह मंजूरी लोकभवन (राजभवन) से जारी आधिकारिक बयान के माध्यम से दी गई है। राज्यपाल ने मामले के तथ्यों और उपलब्ध प्रॉसीक्यूशन सामग्री की जांच के बाद यह निर्णय लिया है, जिसमें प्रारंभिक रूप से अपराध प्रमाणित होने की बात कही गई है। ऐसे मामलों में, जहां आरोपी पूर्व मंत्री या विधायक रह चुका हो, PMLA के तहत मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।