गठबंधन का नया समीकरण: JDU-BJP में कांटे की टक्कर बिहार की सियासत में क्या होगा अगला कदम?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए NDA में सीट बंटवारा तय: JDU को 102, BJP को 101, LJP (R) को 20, HAM और RLM को 10-10 सीटें मिली हैं। जल्द हो सकता है आधिकारिक ऐलान।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 28, 2025 • 7:08 PM  27
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गठबंधन का नया समीकरण: JDU-BJP में कांटे की टक्कर बिहार की सियासत में क्या होगा अगला कदम?
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गठबंधन का नया समीकरण: JDU-BJP में कांटे की टक्कर बिहार की सियासत में क्या होगा अगला कदम?

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया दिल्ली दौरे के बाद गठबंधन के दलों के बीच सभी 243 सीटों पर सहमति बन गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कांटे की टक्कर है, जबकि छोटे सहयोगी दलों को भी उनकी हिस्सेदारी मिल गई है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, और जल्द ही NDA प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि कर सकता है।

सीट बंटवारे का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार, NDA के प्रमुख दलों के बीच सीटों का बंटवारा इस प्रकार है:

हालांकि, JDU और BJP के बीच 1-2 सीटों का मामूली बदलाव हो सकता है। कौन सी पार्टी किन सीटों पर लड़ेगी, इस पर अभी चर्चा चल रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में BJP ने 17 और JDU ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन विधानसभा में JDU को थोड़ा ज्यादा हिस्सा मिलने की संभावना है।

2020 के चुनाव से तुलना

2020 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 74 पर जीत हासिल की थी, जबकि JDU ने 115 सीटों पर लड़कर 43 सीटें जीती थीं। इस बार BJP की सीटें 9 कम होकर 101 और JDU की 13 कम होकर 102 हो सकती हैं। इन घटाई गई सीटों को LJP (रामविलास), HAM, और RLM के बीच बांटा गया है।

2020 में NDA में चार दल थे, जिसमें JDU और BJP ने अपने कोटे से HAM को 7 और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को 11 सीटें दी थीं। इस बार गठबंधन में पांच दल हैं, और छोटे दलों को कुल 40 सीटें मिलने की संभावना है।

सहयोगी दलों की स्थिति

  • LJP (रामविलास): चिराग पासवान की पार्टी इस बार NDA का हिस्सा है और उसे 20 सीटें मिली हैं। 2020 में तत्कालीन LJP ने अकेले 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल एक सीट जीती थी। उस समय LJP ने खासकर JDU के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे। 2021 में पार्टी टूटने के बाद चिराग की LJP (रामविलास) और पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) बन गई। सूत्रों के मुताबिक, RLJP इस बार महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है।

  • HAM: जीतन राम मांझी की पार्टी को 10 सीटें मिली हैं। 2020 में HAM ने NDA के साथ 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 जीती थीं। मांझी का मुसहर समुदाय में प्रभाव और गया, औरंगाबाद जैसे क्षेत्रों में उनकी पकड़ NDA के लिए महत्वपूर्ण है।

  • RLM: उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी 10 सीटें मिली हैं। 2020 में उनकी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने महागठबंधन छोड़कर 99 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई सीट नहीं जीती थी। इस बार RLM NDA का हिस्सा है।

महागठबंधन में VIP की स्थिति

मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) इस बार महागठबंधन का हिस्सा है। 2020 में VIP ने NDA के साथ 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 जीती थीं, लेकिन बाद में इसके विधायक BJP में शामिल हो गए थे। सहनी ने 60 सीटों पर लड़ने की मांग की है और खुद को डिप्टी CM का दावेदार बताया है।

मतदाता सूची विवाद

2025 के चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया में अब तक 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए हैं, जिनमें मृत, प्रवासी, और डुप्लिकेट नाम शामिल हैं। विपक्षी महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वाम दल, VIP) ने इसे वोटबंदी की साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि दलित, पिछड़े, और मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए है। SIR के तहत 11 विशेष दस्तावेजों में से एक जमा करना जरूरी है, लेकिन आधार, मतदाता पहचान पत्र, और राशन कार्ड को मान्य नहीं किया गया। विपक्ष ने इसे गरीबों और ग्रामीणों के खिलाफ बताया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त 2025 को आयोग को आधार, मतदाता पहचान पत्र, और राशन कार्ड को वैध मानने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हटाए गए नामों की सूची और कारण सार्वजनिक करने को भी कहा। इसके बाद आयोग ने नियमों को थोड़ा लचीला किया है।

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