ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश: बिजली विभाग का टेक्नीशियन सस्पेंड, फरार आरोपी की तलाश में पुलिस

उदयपुर में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश, बिजली विभाग के टेक्नीशियन नवल शर्मा को निलंबित किया गया, जो नौ महीने से ड्यूटी से गैरहाजिर और फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 4, 2025 • 9:03 PM  25
क्राइम
NEWS CARD
Logo
ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश: बिजली विभाग का टेक्नीशियन सस्पेंड, फरार आरोपी की तलाश में पुलिस
“ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश: बिजली विभाग का टेक्नीशियन सस्पेंड, फरार आरोपी की तलाश में पुलिस”
Favicon
Read more on thekhatak.com
4 Sep 2025
https://thekhatak.com/online-betting-racket-busted-electricity-department-technician-suspended-police-looking-for-absconding-accused
Google News
Copied
ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश: बिजली विभाग का टेक्नीशियन सस्पेंड, फरार आरोपी की तलाश में पुलिस

उदयपुर के बिजली विभाग में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत नवल शर्मा उर्फ मेडी को ऑनलाइन गेमिंग सट्टा मामले में मुख्य आरोपी होने के चलते निलंबित कर दिया गया है। विभाग के प्रबंध निदेशक (एमडी) केपी वर्मा के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता कमलीराम मीणा ने यह कार्रवाई की। एमडी वर्मा ने बताया कि नवल शर्मा पिछले नौ महीनों से ड्यूटी से अनुपस्थित था। इस मामले के संज्ञान में आने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड किया गया है।

ऑनलाइन सट्टा रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार

पुलिस ने 31 अगस्त 2025 को अंबामाता थाना क्षेत्र के देवाली चौराहा स्थित एक मकान में छापा मारकर ऑनलाइन गेमिंग सट्टा रैकेट का पर्दाफाश किया था। इस दौरान आरोपी मयंक सिंह रत्नावत को गिरफ्तार किया गया, जबकि छह मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड और कई चेक बरामद किए गए। पूछताछ में रत्नावत ने खुलासा किया कि वह अर्पित और नवल शर्मा के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। मयंक और अर्पित को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन नवल शर्मा अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल

नवल शर्मा उदयपुर के बड़गांव एईएन कार्यालय में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था, लेकिन वह पिछले नौ महीनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान न तो सहायक अभियंता (एईएन), न ही कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और न ही अधीक्षण अभियंता (एसई) ने उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की। इस लापरवाही ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter