छात्र नेता शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल पर पुलिस का बल प्रयोग
छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ शुभम को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके खिलाफ छात्रों ने विरोध किया। शुभम का कहना है कि वह तब तक अनशन जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। यह आंदोलन अब पूरे राजस्थान में फैल रहा है।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और उग्र हो गया है। छात्र नेता शुभम रेवाड़, जो पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे, को पुलिस ने जबरन उठाकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा, और छात्रों के विरोध के बीच पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। यह घटना न केवल छात्रों के बीच आक्रोश को बढ़ा रही है, बल्कि राजस्थान की शिक्षा और राजनीति में एक बड़े बदलाव की मांग को भी उजागर कर रही है।
भूख हड़ताल और छात्रों का जुनून
शुभम रेवाड़, राष्ट्रीय स्वतंत्रता संघ के एक प्रमुख छात्र नेता, ने छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मांग थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार छात्रसंघ चुनाव को तुरंत बहाल करे, जो 2023-24 शैक्षणिक सत्र से रुके हुए हैं। शुभम का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का मौका देते हैं और इससे निकले नेता समाज की आवाज को संसद और विधानसभा तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा, "छात्रसंघ चुनाव ने कई ऐसे नेता दिए हैं जो आज विधानसभा और संसद में जनता की आवाज उठाते हैं। अगर सरकार को लगता है कि इसमें खामियां हैं, तो उन्हें सुधारें, लेकिन इसे पूरी तरह बंद करना लोकतंत्र पर चोट है।"