राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त, SDM और जिला कलेक्टर बनेंगे प्रशासक

राजस्थान में 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त होने पर प्रधानों की जगह SDM और 21 जिला परिषदों में जिला प्रमुखों की जगह जिला कलेक्टर को प्रशासक बनाया जाएगा। यह फैसला चुनावी देरी के कारण लिया गया है ताकि विकास कार्यों में रुकावट न आए।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 8, 2025 • 10:20 PM  27
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त, SDM और जिला कलेक्टर बनेंगे प्रशासक
“राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त, SDM और जिला कलेक्टर बनेंगे प्रशासक”
Favicon
Read more on thekhatak.com
8 Dec 2025
https://thekhatak.com/rajasthan-222-panchayat-samiti-term-ends-sdm-collector-administrators-appointed
Google News
Copied
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त, SDM और जिला कलेक्टर बनेंगे प्रशासक

जयपुर, 8 दिसंबर 2025 : राजस्थान सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 222 पंचायत समितियों के प्रधानों के कार्यकाल को समाप्त करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, इन समितियों का प्रशासनिक संचालन अब उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के हाथों में होगा। इसी तरह, 21 जिला परिषदों में जिला प्रमुखों के कार्यकाल समाप्त होने पर जिला कलेक्टर को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह कदम पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है, लेकिन इससे स्थानीय नेताओं में असंतोष की लहर भी पैदा हो गई है।

पृष्ठभूमि और फैसले की रूपरेखा राजस्थान में पंचायती राज त्रि-स्तरीय व्यवस्था पर आधारित है, जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर) और जिला परिषद शामिल हैं। हाल के वर्षों में, कई पंचायती राज प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, खासकर कोविड-19 महामारी और उसके बाद की परिस्थितियों के कारण। पहले, ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों के कार्यकाल समाप्त होने पर उन्हें ही अस्थायी प्रशासक के रूप में बरकरार रखा जाता रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर निरंतरता बनी रहे। हालांकि, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर यह प्रक्रिया अलग रही।सरकार ने अब एक समान नीति अपनाते हुए पंचायत समिति स्तर पर प्रधानों की जगह SDM को प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला पंचायती राज विभाग के एक अधिसूचना के माध्यम से लागू किया गया है। जिला परिषद स्तर पर जिला प्रमुखों के स्थान पर जिला कलेक्टर प्रशासक होंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह बदलाव 222 पंचायत समितियों में तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जहां प्रधानों का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक समाप्त हो रहा है। इन समितियों में चुनाव की प्रक्रिया अगले वर्ष की पहली तिमाही में शुरू होने की संभावना है, लेकिन तब तक प्रशासनिक कार्य SDM और कलेक्टर संभालेंगे।

प्रभावित क्षेत्र: 21 जिले जहां जिला कलेक्टर बनेंगे प्रशासक यह फैसला पूरे राज्य के 21 जिलों को प्रभावित करेगा, जहां जिला परिषदों के प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन जिलों में जिला कलेक्टर को जिला परिषद के सभी कार्यों—जैसे विकास योजनाओं की निगरानी, बजट वितरण, और सामुदायिक कार्यक्रमों का संचालन—का दायित्व सौंपा जाएगा। प्रभावित जिलों की सूची निम्नलिखित है:जैसलमेर,उदयपुर,अजमेर,बाड़मेर,पाली,भीलवाड़ा,राजसमंद,नागौर,बांसवाड़ा,बीकानेर,बूंदी,चित्तौड़गढ़,चुरू,डूंगरपुर,हनुमानगढ़,जालौर,झालावाड़,झुंझुनू,प्रतापगढ़,सीकर,टोंक, ये जिले राज्य के प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हैं, जिनमें राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके से लेकर दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र तक शामिल हैं। इन जिलों में जिला परिषदें ग्रामीण विकास की प्रमुख संस्थाएं हैं, जो केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं जैसे मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, और जल जीवन मिशन को लागू करती हैं। प्रशासकों की नियुक्ति से इन योजनाओं में कोई रुकावट न आए, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter