मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: बाल विवाह पर सख्ती, एयरोस्पेस-डिफेन्स और सेमीकंडक्टर नीतियों को मंजूरी, बिजली बिल पर 100% छूट
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान कैबिनेट ने बाल विवाह रोकने के लिए सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती बरतते हुए लड़के की शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष तय की। एयरोस्पेस, डिफेन्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों के लिए नई नीतियां मंजूर कीं, जिनमें इन उद्योगों को 7 साल तक बिजली शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और अन्य प्रोत्साहन दिए जाएंगे। अशांत क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण पर नियंत्रण के लिए विधेयक पास किया गया। RPSC नियमों में भी संशोधन हुए। ये फैसले निवेश, रोजगार और सामाजिक सुधार पर केंद्रित हैं।
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हाल ही में हुई राजस्थान कैबिनेट की बैठक में सामाजिक सुधार, औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ये निर्णय प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। बैठक के बाद उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य मंत्रियों ने इन फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की।
बाल विवाह रोकथाम के लिए शादी की उम्र तय और सख्त नियम
कैबिनेट ने बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिसके तहत बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के अनुरूप परिभाषा स्पष्ट की गई है। अब स्पष्ट रूप से तय किया गया है कि: 21 वर्ष से कम आयु का पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला,बाल विवाह की श्रेणी में आएंगे। यदि कोई सरकारी कर्मचारी बाल विवाह में शामिल होता है, उसकी संविदा करता है या स्वयं ऐसा विवाह करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी। सरकार का दावा है कि यह फैसला बाल विवाह के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाएगा और समाज में जागरूकता बढ़ाएगा।