राजस्थान में मकर संक्रांति 2026: उत्साह, परंपरा और सावधानियों का मिश्रण
मकर संक्रांति 2026 पर राजस्थान में उत्साह के साथ पतंगबाजी, परंपराएं और दुर्घटनाएं देखने को मिलीं। जयपुर में काइट फेस्टिवल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पतंग उड़ाई, विधायक ने चरखी पकड़ी; 5 किमी क्षेत्र में नो काइट जोन। बांसवाड़ा में चाइनीज मांझे से बाइक सवार युवक की गर्दन कट गई, 10 टांके लगे। कोटा में बंगाली समाज ने मगरमच्छ की पूजा की। टोंक में 80 किलो की दड़ा फुटबॉल और भीलवाड़ा में मंदिरों में पतंग प्रसाद बांटा गया। चाइनीज मांझे के खतरे के बीच सुरक्षा अपील जारी।
मकर संक्रांति का पर्व आज (14 जनवरी 2026) राजस्थान में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जो नए फसल, समृद्धि और सूर्य देव की पूजा से जुड़ा हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रंग-ढंग से यह पर्व मनाया जा रहा है—कहीं पतंगबाजी की धूम, कहीं अनोखी परंपराएं, तो कहीं दुर्घटनाओं की चेतावनी।
जयपुर में काइट फेस्टिवल और मुख्यमंत्री की पतंगबाजी
जयपुर, जिसे पतंगबाजी का केंद्र माना जाता है, आज आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों से सजा हुआ है। काइट फेस्टिवल 2026 का आयोजन जलमहल के पास किया गया, जहां लोक संस्कृति, पारंपरिक पतंग उड़ान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के साथ पतंगबाजी में हिस्सा लिया। एक विधायक बाल मुकुंदाचार्य मुख्यमंत्री की चरखी पकड़े नजर आए, जो उत्सव की मस्ती को दर्शाता है।