दो जिन्दा बेटियों को पिता ने किया ‘सामाजिक रूप से मृत’ घोषित, शोक पत्रिका छपवाकर रखी शोक सभा...पिता की मजबूरी या गलतफहमी...?

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र में प्रेम विवाह करने वाली दो सगी बहनों को उनके पिता और परिजनों ने सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया है। परिवार ने दोनों जीवित बेटियों के नाम से शोक पत्रिका छपवाकर 4 जून को ‘पीहर गोरनी’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 3, 2026 • 11:24 AM  10
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दो जिन्दा बेटियों को पिता ने किया ‘सामाजिक रूप से मृत’ घोषित, शोक पत्रिका छपवाकर रखी शोक सभा...पिता की मजबूरी या गलतफहमी...?
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3 Jun 2026
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दो जिन्दा बेटियों को पिता ने किया ‘सामाजिक रूप से मृत’ घोषित, शोक पत्रिका छपवाकर रखी शोक सभा...पिता की मजबूरी या गलतफहमी...?

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र में प्रेम विवाह करने वाली दो सगी बहनों को उनके पिता और परिजनों ने सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया है। परिवार ने दोनों जीवित बेटियों के नाम से शोक पत्रिका छपवाकर 4 जून को ‘पीहर गोरनी’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


प्रेम विवाह के बाद बेटियों से रिश्ता तोड़ा, शोक पत्रिका तक छपवा दी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज में प्रेम विवाह, पारिवारिक सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां परिवार की इच्छा के विरुद्ध अपनी पसंद से विवाह करने वाली दो सगी बहनों को उनके पिता ने सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं, परिवार ने दोनों बेटियों के नाम से शोक पत्रिका छपवाकर उनके लिए शोक सभा और ‘पीहर गोरनी’ कार्यक्रम आयोजित करने का भी ऐलान किया है।

यह अनोखा और भावनात्मक मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर कानून बालिग युवक-युवतियों को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है, वहीं दूसरी ओर कई परिवार और सामाजिक परंपराएं ऐसे फैसलों को स्वीकार नहीं कर पातीं।

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