कौन नाचेगा, किसका टूटा हाथ और कब हटेगा तिरपाल? राजस्थान की 4 बड़ी चर्चाएं
राजस्थान में स्वास्थ्य मंत्री के बयान, संविदा नर्सिंगकर्मियों के आंदोलन, स्मार्ट मीटर विवाद और पृथ्वीराज चौहान प्रतिमा के अनावरण को लेकर उठे सवालों ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासन को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
राजस्थान की राजनीति, स्वास्थ्य व्यवस्था, संविदा कर्मचारियों के आंदोलन और स्मार्ट मीटर विवाद ने एक बार फिर प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों को सामने ला दिया है। बीकानेर में प्रसूताओं की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान से लेकर जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मियों के प्रदर्शन, सीकर में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजलीकर्मी पर हमले और ब्यावर में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा के अनावरण को लेकर उठे सवाल तक, कई घटनाएं चर्चा का केंद्र बनी रहीं।
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर मचा राजनीतिक बवाल
बीकानेर जिला अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल्योर के मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। पत्रकारों के सवाल पर मंत्री की टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इस बयान के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकीय लापरवाही और जिम्मेदारी तय करने को लेकर बहस तेज हो गई।
संविदा नर्सिंगकर्मियों का आंदोलन हुआ तेज
राजधानी जयपुर में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियों के हटाए जाने के विरोध में आंदोलन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से कम वेतन और दबावपूर्ण परिस्थितियों में काम करने के बावजूद उन्हें अचानक हटाया जा रहा है। एक नर्सिंगकर्मी की आत्महत्या के बाद कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी आंदोलनकारियों का समर्थन किया और सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।