सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई से किया इनकार.

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। जोधपुर में नाबालिग से रेप और गुजरात के मोटेरा आश्रम में साधिका से यौन शोषण के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम वर्तमान में मेडिकल आधार पर जमानत पर हैं। कोर्ट का यह फैसला दर्शाता है कि बार-बार अंतरिम राहत देने के पक्ष में वह नहीं है। उनकी जमानत राजस्थान और गुजरात हाई कोर्ट्स द्वारा 9 और 7 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 1, 2025 • 4:17 PM  30
राजस्थान
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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई से किया इनकार.
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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई से किया इनकार.

जोधपुर और गुजरात के चर्चित रेप मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा निर्णय मिला है। शीर्ष कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया। यह फैसला दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट अब बार-बार अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं है। आसाराम, जो जोधपुर में नाबालिग से बलात्कार और गुजरात के मोटेरा आश्रम में एक साधिका के साथ कई वर्षों तक यौन शोषण के मामलों में दोषी ठहराए गए हैं, वर्तमान में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर हैं। उनकी जमानत हाल ही में राजस्थान और गुजरात हाई कोर्ट्स द्वारा बढ़ाई गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का यह रुख उनके लिए महत्वपूर्ण है।

आसाराम पर दो गंभीर मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं। पहला मामला जोधपुर का है, जहां 2013 में एक नाबालिग लड़की ने उनके आश्रम में यौन शोषण का आरोप लगाया। अप्रैल 2018 में जोधपुर की अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दूसरा मामला गुजरात के मोटेरा आश्रम से जुड़ा है, जहां एक महिला अनुयायी ने 2001 से 2006 तक बार-बार बलात्कार का आरोप लगाया। जनवरी 2023 में गांधीनगर की सत्र अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा दी। आसाराम की कानूनी टीम ने उनकी उम्र (86 वर्ष) और स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे हृदय रोग, का हवाला देकर बार-बार जमानत मांगी। जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, जिसके तहत वे जोधपुर के एक आयुर्वेदिक केंद्र में इलाज करवा रहे हैं। राजस्थान हाई कोर्ट ने उनकी जमानत 9 जुलाई 2025 तक और गुजरात हाई कोर्ट ने 7 जुलाई 2025 तक बढ़ाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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