क्या यूपी में समय से पहले होंगे चुनाव? जनगणना ने बढ़ाई सियासी हलचल, नवंबर-दिसंबर में मतदान के संकेत
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनगणना के कारण फरवरी-मार्च में प्रशासनिक मशीनरी व्यस्त रहने की संभावना है, जिसके चलते नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है।
UP में समय से पहले चुनाव की चर्चा क्यों? जनगणना बनी बड़ी वजह
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय से पहले कराए जा सकते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आगामी राष्ट्रीय जनगणना को बताया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की प्रशासनिक मशीनरी को बड़े पैमाने पर लगाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, जनगणना विभाग ने निर्वाचन आयोग को संकेत दिया है कि फरवरी और मार्च 2027 के दौरान देशभर में जनगणना का कार्य अपने चरम पर होगा। ऐसे में लाखों सरकारी कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर डेटा संग्रह और भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) में व्यस्त रहेंगे।
चुनाव आयोग के सामने चुनौती
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहां विधानसभा चुनाव कराना अपने आप में एक विशाल प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। यदि इसी दौरान जनगणना अभियान भी चलता है, तो दोनों कार्यों को एक साथ संभालना बेहद कठिन हो सकता है।