बंगाल में नतीजों के बाद बवाल: आगजनी, तोड़फोड़, बुलडोजर एक्शन… आखिर किसने भड़काई हिंसा?
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई जिलों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है—राज्य में बढ़ते तनाव के पीछे क्या वजह है?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद जहां एक ओर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य का माहौल तनाव और अस्थिरता की चपेट में आता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी को मिली बड़ी जीत के बाद कई जिलों से हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया है। कहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाया गया, तो कहीं बुलडोजर कार्रवाई के जरिए ढांचों को गिराया गया। इसके अलावा मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में दशकों पुरानी लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
आसनसोल में TMC कार्यालय में आगजनी
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कोर्ट मोड़ पर देर रात एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जहां तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय में आग लगा दी गई। यह कार्यालय वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस से जुड़ा बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि पूरा दफ्तर जलकर राख हो गया, साथ ही पास स्थित एक दुकान को भी नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित विभागों को सूचित किया और अब आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जाएगी, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने पर सियासी संग्राम
मुर्शिदाबाद के जियागंज में लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम दिया और अब वहां नई प्रतिमा लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस घटना में उनके किसी भी कार्यकर्ता की भूमिका नहीं है। पार्टी का कहना है कि चुनावी जश्न के दौरान वहां अलग-अलग समूह मौजूद थे और संभव है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने यह हरकत की हो।