45 डिग्री गर्मी भी नहीं रोक पाई हौसला, 85 साल की बुजुर्ग रोज़ बचा रही हैं सैकड़ों पौधों की जिंदगी

चित्तौड़गढ़ जिले के लुहारिया गांव की 85 वर्षीय कन्नी बाई पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल बन गई हैं। नंगे पैर, हाथ में लाठी और बाल्टी लेकर वह रोज़ 150 से अधिक पौधों की देखभाल करती हैं।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 5, 2026 • 11:21 AM  3
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
45 डिग्री गर्मी भी नहीं रोक पाई हौसला, 85 साल की बुजुर्ग रोज़ बचा रही हैं सैकड़ों पौधों की जिंदगी
“45 डिग्री गर्मी भी नहीं रोक पाई हौसला, 85 साल की बुजुर्ग रोज़ बचा रही हैं सैकड़ों पौधों की जिंदगी”
Favicon
Read more on thekhatak.com
5 Jun 2026
https://thekhatak.com/world-environment-day-kanni-bai-green-grandmother-chittorgarh-smriti-van-story
Google News
Copied
45 डिग्री गर्मी भी नहीं रोक पाई हौसला, 85 साल की बुजुर्ग रोज़ बचा रही हैं सैकड़ों पौधों की जिंदगी

चित्तौड़गढ़। पर्यावरण संरक्षण की बातें तो हर कोई करता है, लेकिन उसे अपने जीवन का मिशन बना लेना हर किसी के बस की बात नहीं होती। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो न केवल पर्यावरण प्रेम का संदेश देती है बल्कि यह भी बताती है कि उम्र केवल एक संख्या है, हौसले की कोई सीमा नहीं होती।

बड़ी सादड़ी उपखंड क्षेत्र के लुहारिया गांव में रहने वाली 85 वर्षीय कन्नी बाई मीणा आज पूरे इलाके में ‘ग्रीन दादी’ के नाम से पहचान बना रही हैं। एक तरफ जहां भीषण गर्मी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह बुजुर्ग महिला रोज़ाना सरकारी स्कूल परिसर में बने ‘स्मृति वन’ की देखभाल में जुटी रहती हैं।

नंगे पैर चलना, हाथ में लाठी और दूसरी ओर पानी से भरी बाल्टी लेकर पौधों को सींचना उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बन चुकी है।

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter