50 लाख की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार 18 महीने से फरार था शातिर ठग.
जोधपुर की उदयमंदिर पुलिस ने 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी रामसिंह राजपूत को 18 महीने बाद गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, परिवार से संपर्क काट रखा था और लगातार ठिकाना बदलता रहा — राजस्थान से ऋषिकेश, वृंदावन और अंत में हिमाचल के बद्दी में मजदूरी कर रहा था। उसने बीजेएस कॉलोनी का मकान बेचने के नाम पर चैनसिंह से 50 लाख रुपये ठग लिए थे, जबकि मकान पहले ही किसी और को बेच चुका था। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई और ठगी के मामले खुलेंगे।
जोधपुर। उदयमंदिर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 लाख रुपये की ठगी के मुख्य आरोपी रामसिंह राजपूत को आखिरकार दबोच लिया है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। वह राजस्थान से बाहर ऋषिकेश, वृंदावन और फिर हिमाचल प्रदेश के बद्दी में छिपा हुआ था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करता था और अपने परिवार से भी कोई संपर्क नहीं रखता था, ताकि उसका लोकेशन ट्रेस न हो सके।
कैसे हुई थी 50 लाख की ठगी?
पीड़ित चैनसिंह ने वर्ष 2024 में उदयमंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रामसिंह ने खुद को बीजेएस कॉलोनी स्थित एक मकान का मालिक बताया और उसे बेचने का सौदा पक्का किया। चैनसिंह से कुल 50 लाख रुपये ले लिए गए, लेकिन बाद में पता चला कि वह मकान पहले ही किसी और को बेचा जा चुका था। यह पूरी तरह से सोची-समझी ठगी थी। इसके बाद रामसिंह फरार हो गया और मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।