"राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बड़ा बदलाव:गर्भवती-धात्री महिलाओं को पोषाहार के लिए नई शर्तें"

1 जुलाई 2025 से राजस्थान के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5.50 लाख गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषाहार (दलिया, खिचड़ी आदि) के लिए फेस वेरिफिकेशन और e-KYC अनिवार्य होगा। बिना सत्यापन के पोषाहार नहीं मिलेगा, जिससे 6 महीने से 3 साल के बच्चे भी प्रभावित होंगे। यह कदम पारदर्शिता और कालाबाजारी रोकने के लिए है। साथ ही, 'सुपोषण न्यूट्री किट' योजना शुरू होगी, जिसमें गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक किट दी जाएगी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 29, 2025 • 9:59 AM  51
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29 Jun 2025
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"राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बड़ा बदलाव:गर्भवती-धात्री महिलाओं को पोषाहार के लिए नई शर्तें"

राजस्थान के आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 जुलाई 2025 से पोषाहार वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब गर्भवती और धात्री महिलाओं (जो अपने बच्चों को स्तनपान कराती हैं) को पोषाहार प्राप्त करने के लिए अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी। इस नई व्यवस्था के तहत, लाभार्थियों को ई-केवाईसी (e-KYC) और फेस वेरिफिकेशन से गुजरना होगा। इसके बिना उन्हें पोषाहार जैसे दलिया, खिचड़ी और अन्य पौष्टिक पैकेट नहीं मिलेंगे। इस बदलाव का असर राज्य की करीब 5.50 लाख गर्भवती और धात्री महिलाओं पर पड़ सकता है, जो अब तक इन केंद्रों से पोषाहार प्राप्त कर रही थीं। साथ ही, 6 महीने से 3 साल तक के उन बच्चों को भी पोषाहार नहीं मिलेगा, जिनके अभिभावक इस नई प्रक्रिया को पूरा नहीं करेंगे।

 कारण:

महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह कदम पोषाहार वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया है। पहले कई बार ऐसी शिकायतें सामने आई थीं कि पोषाहार गलत हाथों में पहुंच रहा था या अपात्र लोग इसका लाभ उठा रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने फेस रिकग्निशन और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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