बाड़मेर में एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़: 15 करोड़ की ड्रग्स जब्त, मुख्य तस्कर फरार
राजस्थान के बाड़मेर में पुलिस ने लकड़ी के कारखाने की आड़ में चल रही एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कुख्यात तस्कर मोटाराम द्वारा संचालित इस फैक्ट्री से 15 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए। मुख्य आरोपी फरार हो गया, जबकि मकान मालिक को हिरासत में लिया गया है। यह स्कूल के पास सुनसान इलाके में चल रही थी और पिछले 18 महीनों में पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का पता लगाया और उसे सील कर दिया। यह फैक्ट्री एक लकड़ी के कारखाने की आड़ में चल रही थी, जो जिले के कुख्यात और इनामी तस्कर मोटाराम द्वारा संचालित की जा रही थी। पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात दबिश देकर करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की तैयार ड्रग्स और केमिकल्स से भरे ड्रम जब्त किए। यह कार्रवाई बाड़मेर पुलिस की पिछले 18 महीनों में ड्रग फैक्ट्री पकड़ने की तीसरी बड़ी सफलता है।
फैक्ट्री की लोकेशन और छिपाने की तरकीब यह अवैध फैक्ट्री सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा केरली नाड़ी गांव में स्थित थी। यहां तस्कर मोटाराम के चचेरे भाई भैराराम कड़वासरा का लकड़ी का कारखाना था, जिसकी आड़ में एमडी ड्रग्स का उत्पादन किया जा रहा था। फैक्ट्री धोरों (रेगिस्तानी टीलों) के बीच एक पूरी तरह सुनसान मकान में बनाई गई थी। यहां पहुंचने के दो रेतीले रास्ते थे:पहला: बाड़मेर-सिंधरी हाईवे से करीब 12 किलोमीटर दूर रेतीला मार्ग।दूसरा: आदर्श केरली नाड़ी सरकारी स्कूल के पास से गुजरने वाला रास्ता।ये दोनों रास्ते रेत से होकर गुजरते थे, जिससे बाहर की आवाजाही पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी। हैरानी की बात यह है कि यह फैक्ट्री एक सरकारी स्कूल के काफी पास चल रही थी, जो बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।ड्रग बनाने की प्रक्रिया के दौरान बदबू न फैले, इसके लिए तस्करों ने अनोखी तरकीब अपनाई थी। वे तैयार ड्रग्स को बर्तनों में छिपाकर घर की छत पर सुखाते थे। छत पर ही दूसरी खेप का तैयार माल छिपाकर रखा गया था।