भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर चेटीचंड महोत्सव का भव्य समापन: 21 किलो केक का भोग, 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह
भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर 10 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। नाथद्वारा सराय मंदिर से शुरू यात्रा सिंधुनगर तक गई, जिसमें छेज नृत्य, फूलों की वर्षा, आतिशबाजी और जयकारे गूंजे। 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ और भगवान को 21 किलो केक का भोग लगाया गया। सिंधी सेंट्रल पंचायत और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह चरम पर रहा।
भीलवाड़ा (राजस्थान)। सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलालजी के 1077वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 10 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का समापन शुक्रवार रात एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इस दौरान शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल छाया रहा, जिसमें 55 बच्चों का मुंडन, 11 बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया और भगवान झूलेलाल को 21 किलो के विशाल केक का भोग लगाया गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ नाथद्वारा सराय मंदिर से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सिंधुनगर पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते 'जय झूलेलाल', 'आयो लाल झूलेलाल' के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। समाज के विभिन्न कॉलोनियों के आठ झूलेलाल मंदिरों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में समाजजन, युवा, महिलाएं और बच्चे इस यात्रा में शामिल हुए।