जोधपुर में फर्जी डिग्री रैकेट का पर्दाफाश: ऑपरेशन हेरा-फेरी ने मुख्य सरगना बाबूलाल पटेल को ठोस सबूतों के साथ दबोचा
जोधपुर रेंज पुलिस की साइक्लोनर टीम ने ऑपरेशन हेरा-फेरी के तहत फर्जी डिग्री रैकेट के मुख्य सरगना बाबूलाल पटेल को असम से गिरफ्तार किया। आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में साइक्लोनर और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार के इनामी बाबूलाल को नाटकीय अंदाज में पकड़ा गया। वह शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती के लिए बैक डेट में फर्जी डिग्रियां बनाता था। ठोस सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी हुई, और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
जोधपुर रेंज पुलिस की साइक्लोनर टीम ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास कुमार के नेतृत्व में ऑपरेशन हेरा-फेरी के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। फर्जी डिग्री रैकेट के मुख्य सूत्रधार बाबूलाल पटेल को असम में छिपे होने के बावजूद नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में साइक्लोनर टीम ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) जयपुर के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया। बाबूलाल पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
आईजी विकास कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि बाबूलाल पटेल शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती के लिए बैक डेट में फर्जी डिग्रियां बनाता था। वह कई अभ्यर्थियों के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने का काम करता था, जिससे वे सरकारी नौकरियों में चयन के लिए पात्र बन सकें। यह गैंग लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था और कई राज्यों में इसका नेटवर्क फैला हुआ था। बाबूलाल इस गैंग का मुख्य सरगना था, जो अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा।
जानकारी के अनुसार, बाबूलाल पटेल असम में छिपकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। साइक्लोनर टीम और एसओजी ने महीनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सटीक सूचना के आधार पर असम में दबिश दी। नाटकीय अंदाज में की गई इस कार्रवाई में उसे धर-दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे एसओजी जयपुर के हवाले कर दिया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है।