आखिर ऐसा क्या हुआ रविंद्र सिंह भाटी को की धरने पर भुलाने पड़े डॉक्टर!
कई दिनों से जारी मजदूरों का आंदोलन अब एक रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लगातार धरने के बीच अचानक कुछ ऐसा हुआ कि पूरे स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। जानिए आखिर ऐसा क्या हुआ
बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार नौवें दिन भी जारी है। पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मजदूरों का धरना अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण लगातार मौजूद हैं, जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है।
इस आंदोलन में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी लगातार नौवें दिन भी धरनास्थल पर डटे रहे। भीषण गर्मी और लगातार संघर्ष के बीच उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। मौके पर डॉक्टरों की टीम मौजूद है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद भाटी ने अपना रुख स्पष्ट रखते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल मजदूरों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की यह लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। भाटी ने आरोप लगाया कि किसी भी कंपनी को स्थानीय लोगों का शोषण करने का अधिकार नहीं है और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।