हैदराबाद में फर्जी सरोगेसी का सनसनीखेज खुलासा: सरोगेसी के नाम पर बच्चों की तस्करी.

हैदराबाद के यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर में चल रहे अवैध सरोगेसी और बच्चों की तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश हुआ। डॉ. नम्रता समेत 11 लोग गिरफ्तार। यह गिरोह गरीब परिवारों से बच्चे खरीदकर नि:संतान दंपतियों को लाखों में बेचता था। एक दंपति के 35 लाख रुपये खर्च करने के बाद डीएनए टेस्ट से बच्चा उनका नहीं निकला, जिससे यह घोटाला उजागर हुआ। पुलिस ने क्लिनिक सील कर जांच तेज कर दी है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 1, 2025 • 5:50 PM  20
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हैदराबाद में फर्जी सरोगेसी का सनसनीखेज खुलासा: सरोगेसी के नाम पर बच्चों की तस्करी.
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हैदराबाद में फर्जी सरोगेसी का सनसनीखेज खुलासा: सरोगेसी के नाम पर बच्चों की तस्करी.

हैदराबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर की आड़ में अवैध सरोगेसी और नवजात बच्चों की तस्करी का संगठित रैकेट संचालित हो रहा था। पुलिस ने इस घिनौने कारोबार का पर्दाफाश करते हुए सेंटर की संचालिका डॉ. अथलुरी नम्रता सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट नि:संतान दंपतियों को जैविक संतान का झांसा देकर लाखों रुपये ठग रहा था, जबकि वास्तव में गरीब परिवारों से बच्चे खरीदकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के साथ बेचा जा रहा था।

कैसे सामने आया घोटाला?

मामला तब उजागर हुआ जब राजस्थान के एक दंपति, जो अब सिकंदराबाद में रहते हैं, ने गोपालपुरम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की। इस दंपति ने अगस्त 2024 में यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर से सरोगेसी के लिए संपर्क किया था। डॉ. नम्रता ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके स्पर्म और अंडाणु का उपयोग कर सरोगेट मां के जरिए उनका जैविक बच्चा पैदा होगा। इसके लिए दंपति से 35 लाख रुपये वसूले गए, जिसमें प्रसव शुल्क के नाम पर अतिरिक्त राशि भी शामिल थी। जून 2025 में, दंपति को बताया गया कि विशाखापत्तनम में सरोगेट मां ने एक लड़के को जन्म दिया है। बच्चे को लेने के बाद उन्हें संदेह हुआ क्योंकि बच्चे का चेहरा उनके परिवार से मेल नहीं खाता था। जब उन्होंने सरोगेट मां के डीएनए सत्यापन की मांग की, तो क्लिनिक ने टालमटोल शुरू कर दी। आखिरकार, दंपति ने दिल्ली में स्वतंत्र डीएनए टेस्ट करवाया, जिससे पता चला कि बच्चा जैविक रूप से उनका नहीं है। इस खुलासे के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसने पूरे रैकेट की पोल खोल दी।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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