PFC-REC Merger Approved: ₹11 लाख करोड़ का बनेगा भारत का सबसे बड़ा पावर फाइनेंसिंग जाइंट
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के बोर्ड ने REC के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित मर्जर के बाद करीब ₹11 लाख करोड़ के लोन पोर्टफोलियो वाला देश का सबसे बड़ा पावर फाइनेंसिंग संस्थान बनने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
देश के पावर सेक्टर के लिए एक बड़ा कॉर्पोरेट घटनाक्रम सामने आया है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के बोर्ड ने आरईसी लिमिटेड (REC) के साथ विलय (Amalgamation) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस विलय के बाद करीब ₹11 लाख करोड़ के संयुक्त लोन पोर्टफोलियो वाला देश का सबसे बड़ा पावर फाइनेंसिंग संस्थान बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीएफसी और आरईसी दोनों ही भारत सरकार के स्वामित्व वाली प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) हैं, जो बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती हैं। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद अब विलय की प्रक्रिया नियामकीय मंजूरियों, शेयरधारकों की सहमति और अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद पूरी होगी।