जिंदा इंसान में ‘उतरी’ पुरखों की आत्मा: महिला की मौत के 10 दिन बाद गांववालों ने पूछा- उसे कब ले जाओगे?

वायनाड के घने जंगलों में रहने वाली अडिया जनजाति आज भी पुरखों की आत्माओं से संवाद करने का दावा करती है। ‘पैलेय’ रस्म में कंबल में लिपटा एक बुजुर्ग आत्माओं का माध्यम बनता है और गांव वाले उससे मौत, बीमारी, फसल और भविष्य तक के सवाल पूछते हैं। दैनिक जीवन, आस्था, परंपरा और रहस्य से भरी अडिया समुदाय की अनसुनी कहानी।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
May 26, 2026 • 3:40 PM  11
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जिंदा इंसान में ‘उतरी’ पुरखों की आत्मा: महिला की मौत के 10 दिन बाद गांववालों ने पूछा- उसे कब ले जाओगे?
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26 May 2026
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जिंदा इंसान में ‘उतरी’ पुरखों की आत्मा: महिला की मौत के 10 दिन बाद गांववालों ने पूछा- उसे कब ले जाओगे?

सुबह के ठीक 9 बजे थे। वायनाड के घने जंगलों में उमस और गर्मी के बीच पथरीले रास्तों पर हमारे कदम लगातार बढ़ रहे थे। करीब 40 मिनट तक जंगल के उबड़-खाबड़ रास्तों को पार करने के बाद कुछ घर नजर आने लगे। जैसे-जैसे हम करीब पहुंचे, एक घर के आंगन में जुटी भीड़ दिखाई दी। आंगन के एक ओर महिलाएं चुपचाप बैठी थीं, दूसरी तरफ पुरुष। तीन लोग किसी डमरू जैसे वाद्य यंत्र और घुंघरू की धीमी थाप बजा रहे थे। जंगल के सन्नाटे में गूंजती वह आवाज माहौल को और रहस्यमयी बना रही थी। तभी नजर आंगन के बीचोंबीच बैठे एक शख्स पर पड़ी। झुलसा देने वाली गर्मी में वह सिर से पैर तक मोटे कंबल में कसकर लिपटा हुआ था। शरीर का एक भी हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक कंबल जोर-जोर से हिलने लगा। भीतर से अजीब आवाजें आने लगीं। आसपास बैठे लोग टकटकी लगाए उसे देख  रहे थे। लोगों का दावा था “अब इसमें पुरखों की आत्मा आने वाली है।” यह दृश्य केरल के वायनाड जंगलों में रहने वाली अडिया जनजाति का था, जिसकी आबादी करीब 12 हजार मानी जाती है। सदियों पुरानी परंपराओं और रहस्यमयी मान्यताओं के बीच जीने वाला यह समुदाय आज भी आधुनिक दुनिया से काफी दूर है।

‘पैलेय’ रस्म: जब आत्माओं को बुलाया जाता है

मेरे साथ मौजूद थे अजयन, जो जंगलों में टूरिज्म का काम करते हैं और अडिया समुदाय की भाषा व परंपराओं को समझते हैं। उन्होंने बताया, “यह चेकाड़ी गांव है। यहां अडिया समुदाय की ‘पैलेय’ रस्म चल रही है। इस दौरान पुरखों की आत्माओं को बुलाने का दावा किया जाता है।” कंबल में लिपटा व्यक्ति लगातार हिल रहा था। वाद्य यंत्र ‘मुरथम’ की थाप जैसे-जैसे तेज या धीमी होती, उसके शरीर की हरकत भी उसी हिसाब से बदल जाती। कुछ देर बाद वह भारी आवाज में बोलने लगा। उसके सामने बैठे एक बुजुर्ग उससे अपनी भाषा में सवाल पूछ रहे थे और वह जवाब दे रहा था। धीरे-धीरे आसपास बैठे बाकी लोग भी अपनी परेशानियां बताने लगे। कोई बीमारी का कारण पूछ रहा था, कोई घर की कलह का हल।

40 साल की महिला की मौत और आत्मा से सवाल

अजयन ने बताया कि यह रस्म एक महिला की मौत के बाद की जा रही थी।

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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