नामों की भूल से जोधपुर AIIMS में हादसा,गलत मरीज को चढ़ा दिया खून.....

जोधपुर AIIMS में नाम की समानता के कारण मरीज मांगीलाल को गलत खून चढ़ा दिया गया, जिसकी उसे जरूरत नहीं थी। गलती पकड़ में आने पर ड्रिप हटाकर खून की थैली डस्टबिन में फेंकी गई। मरीज की हालत स्थिर, अस्पताल ने जांच शुरू की। यह घटना मेडिकल लापरवाही पर सवाल उठाती है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 11, 2025 • 5:36 PM  23
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नामों की भूल से जोधपुर AIIMS में हादसा,गलत मरीज को चढ़ा दिया खून.....
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11 Oct 2025
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नामों की भूल से जोधपुर AIIMS में हादसा,गलत मरीज को चढ़ा दिया खून.....

जोधपुर:राजस्थान के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर में एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो मरीजों की जान जोखिम में डालने वाली हो सकती थी। नाम की मामूली गफलत के कारण एक मरीज को ऐसा खून चढ़ा दिया गया, जिसकी उसे बिल्कुल भी जरूरत नहीं थी। गनीमत रही कि गलती का पता चलते ही तुरंत ड्रिप हटा ली गई और मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है। यह घटना अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर तब जब दो मरीजों के नाम एक ही होने से स्टाफ भ्रमित हो गया। आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं।

घटना का पूरा विवरण: कैसे हुई यह चूक?

जोधपुर AIIMS में सोमवार शाम को यह हादसा हुआ। अस्पताल में भर्ती दो मरीजों के नाम एक ही थे—मांगीलाल। एक मांगीलाल को खून की सख्त जरूरत थी, क्योंकि उनका हीमोग्लोबिन लेवल काफी कम था और डॉक्टरों ने ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी थी। दूसरा मांगीलाल, जो एक बुजुर्ग मरीज हैं, उनकी हालत स्थिर थी और उन्हें खून चढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। लेकिन रजिस्ट्रेशन डेस्क पर नामों की समानता के कारण स्टाफ ने गलती से दूसरे मरीज को पहचान लिया।नर्सिंग स्टाफ ने बिना दोबारा वेरिफिकेशन किए खून की थैली लगा दी। लगभग 10-15 मिनट तक ड्रिप चलने के बाद एक सहायक नर्स को शक हुआ। उन्होंने मरीज के बेड नंबर और रिकॉर्ड चेक किया, तो सच्चाई सामने आ गई। तुरंत अलार्म बजाया गया और सीनियर डॉक्टरों को सूचना दी गई। ड्रिप लाइन को फौरन हटा दिया गया, और आधी से ज्यादा न चढ़ी खून की थैली को सावधानीपूर्वक डस्टबिन में फेंक दिया गया, ताकि कोई अन्य मरीज इसका इस्तेमाल न कर ले। मरीज मांगीलाल को तुरंत मॉनिटरिंग रूम में शिफ्ट किया गया, जहां उनका ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन लेवल की लगातार जांच की गई।डॉक्टरों के मुताबिक, चूंकि खून की मात्रा बहुत कम (करीब 50-60 मिलीलीटर) चढ़ी थी और मरीज का ब्लड ग्रुप मैच कर रहा था, इसलिए कोई गंभीर रिएक्शन नहीं हुआ। मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें अब सामान्य वार्ड में रखा गया है। परिवार को पूरी घटना की जानकारी दे दी गई है, और वे अस्पताल प्रशासन से नाराजगी जता रहे हैं।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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