ओमान तट पर तेल टैंकर 'एमवी स्काईलाइट' पर मिसाइल हमला: नागौर के दलीप सिंह सहित दो भारतीयों की मौत, गांव में छाया मातम
1 मार्च 2026 को ओमान के खसब पोर्ट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में पलाऊ फ्लैग वाले तेल टैंकर एमवी स्काईलाइट पर हमला हुआ, जिसमें जहाज पर सवार 20 क्रू मेंबर्स (15 भारतीय, 5 ईरानी) थे। हमले से आग और विस्फोट हुआ, 4 लोग घायल हुए और कम से कम एक भारतीय नाविक (नागौर के दलीप सिंह) की मौत हो गई। जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत "शैडो फ्लीट" का हिस्सा था जो ईरानी तेल ढोता था। ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच यह हमला क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। सभी क्रू को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन शव बरामदगी और जांच जारी है। भारतीय दूतावास सक्रिय है।
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। 1 मार्च 2026 की सुबह ओमान के तट के निकट, खासब पोर्ट से लगभग 5 नॉटिकल माइल उत्तर में पलाऊ (पालाउ) फ्लैग वाले क्रूड ऑयल टैंकर एमवी स्काईलाइट (MV Skylight) पर मिसाइल या प्रोजेक्टाइल हमला हुआ। इस हमले में जहाज पर सवार 20 क्रू मेंबर्स में से 15 भारतीय थे, और इस घटना में कम से कम दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें राजस्थान के नागौर जिले के खींवताना गांव निवासी दलीप सिंह और बिहार के कैप्टन आशीष कुमार शामिल हैं। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और विस्फोट हुए, जिससे चार क्रू मेंबर्स गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन सभी 20 क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया।
हमले की पृष्ठभूमि और विवरण
यह हमला ईरान द्वारा अमेरिका-इजराइल के हालिया हमलों के जवाब में किया गया माना जा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) के निकट यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल गुजरता है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने पुष्टि की कि जहाज पर प्रोजेक्टाइल, ड्रोन या अन्य साधन से हमला हुआ, जिससे जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में इसे ईरानी एयरस्ट्राइक या अनमैन्ड सरफेस वेसल (USV) से जुड़ा बताया गया है।