राजस्थान सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 में फिर 5 साल की उम्र में प्रवेश की छूट
राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को देखते हुए कक्षा 1 में प्रवेश आयु को अस्थायी रूप से 5 साल कर दिया है। एनईपी-2020 के तहत 6 साल की आयु सीमा को 2026-27 सत्र तक छूट दी गई, ताकि बाल वाटिकाएं मजबूत हों और नामांकन बढ़े। निजी स्कूलों की प्री-स्कूलिंग के कारण अभिभावक वहां रुख कर रहे थे।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा यू-टर्न लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 साल निर्धारित की गई थी, लेकिन अब शैक्षिक सत्र 2026-27 तक 5 साल की उम्र वाले बच्चों को भी कक्षा 1 में दाखिला मिल सकेगा। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है, जिसमें 31 जुलाई 2026 तक आयु सीमा में छूट प्रदान की गई है।
इस बदलाव का मुख्य कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन की लगातार गिरावट है। नई आयु सीमा लागू होने के बाद अभिभावक अपने बच्चों को घर पर रखने के बजाय निजी स्कूलों की ओर मुड़ गए, जहां 3-4 साल के बच्चों को एलकेजी-यूकेजी में आसानी से प्रवेश मिल जाता है। निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं मजबूत हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में बाल वाटिकाएं (प्री-स्कूल) अभी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। परिणामस्वरूप, सरकारी स्कूलों का नामांकन घटा और निजी स्कूलों का बढ़ा।