ड्रग्स के धंधे से 25 करोड़ की प्रॉपर्टी खड़ी की: MD ड्रग्स मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई की गिरफ्तारी और चौंकाने वाले खुलासे
राजस्थान के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल MD ड्रग्स (मेफेड्रोन) का मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई उर्फ अनिल/रामलाल को ANTF और ATS की टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया। जेल में गुरु से फॉर्मूला सीखकर उसने पश्चिमी राजस्थान में दर्जनभर फैक्ट्रियां चलाईं, गूगल से सुनसान लोकेशन ढूंढी, 1.50 लाख मासिक किराया देकर कमरे लिए और डेढ़ साल में 25 करोड़ की प्रॉपर्टी बनाई। वह हर 10 दिन में सिम बदलता था, एयर ट्रैवल करता था और पत्नी से रोज बात करता था। उसके खिलाफ 36 केस दर्ज हैं।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़े ऑपरेशन में MD ड्रग्स (मेफेड्रोन) के प्रमुख मास्टरमाइंड को दबोच लिया है। यह व्यक्ति राजस्थान के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल था और पिछले 8 साल से पुलिस की गिरफ्त से दूर था। आरोपी का नाम रमेश कुमार विश्नोई उर्फ अनिल उर्फ रामलाल (31 वर्ष) है, जो बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना का निवासी है। ANTF और ATS की संयुक्त टीम ने जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के कोलकाता से उसे गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।रमेश के खिलाफ राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में कुल 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 12वीं फेल है, लेकिन जेल में रहते हुए MD ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला सीखकर बड़ा ड्रग माफिया बन गया। गिरफ्तारी के बाद ANTF की पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
जेल में गुरु से सीखा फॉर्मूला, फिर खुद बना मालिक