Dausa Bus Accident Reality Check: बसों की डिक्की में ठूंस-ठूंसकर लोड हो रहे पार्सल, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
दौसा एक्सप्रेस-वे बस हादसे के बाद जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर किए गए रियलिटी चेक में निजी बसों की डिक्कियों में भारी मात्रा में पार्सल लोड होते मिले।
दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की रात हुए भीषण बस हादसे, जिसमें 8 लोगों की जान चली गई, के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हादसे के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शियों के दावों में बस की डिक्की में भारी मात्रा में पार्सल और सिगरेट के कार्टन होने की बात कही गई थी। इन्हीं दावों की पड़ताल के लिए जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर किए गए रियलिटी चेक में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।
डिक्की में खुलेआम भर रहे कमर्शियल पार्सल
जांच के दौरान कई निजी स्लीपर बसों की डिक्कियों में बड़े पैमाने पर गत्ते के बॉक्स, प्लास्टिक की बोरियां और अन्य व्यावसायिक पार्सल लोड होते दिखाई दिए। कई बसों में यात्रियों के निजी सामान के साथ ही व्यावसायिक माल भी बिना किसी अलग व्यवस्था के ठूंस-ठूंसकर रखा जा रहा था।
न जांच, न स्क्रीनिंग
रियलिटी चेक में यह भी सामने आया कि पार्सल बस में रखने से पहले उनकी किसी प्रकार की सुरक्षा जांच या स्क्रीनिंग नहीं की जा रही थी। सामान में क्या रखा है, वह ज्वलनशील, विस्फोटक या अन्य प्रतिबंधित सामग्री तो नहीं है—इसकी पुष्टि के लिए कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। बिना किसी रोक-टोक के पार्सल सीधे बस की डिक्की में लोड किए जा रहे थे।