गाजरों की आड़ में शराब की तस्करी: उदयपुर के खेरवाड़ा पुलिस ने गुजरात जा रही पिकअप को पकड़ा, 80 कार्टन अवैध शराब जब्त
उदयपुर के खेरवाड़ा में पुलिस ने गाजरों के नीचे छिपाकर गुजरात ले जाई जा रही 80 कार्टन अवैध शराब (लागत करीब 8 लाख रुपये) के साथ पिकअप गाड़ी पकड़ी। चालक राजवीर गुर्जर को गिरफ्तार कर वाहन जब्त किया गया।
उदयपुर, 27 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले में अवैध शराब तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। खेरवाड़ा थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे 48 पर स्थित टोल प्लाजा पर रात के अंधेरे में एक पिकअप वाहन को चेकिंग के दौरान रोक लिया। शुरुआती जांच में वाहन में गाजरों से भरी हुई दिखने वाली पिकअप के नीचे छिपाकर ले जाए जा रही अवैध शराब की भारी मात्रा बरामद हुई। पुलिस ने वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से गुजरात की सीमा की ओर तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई।
घटना का पूरा विवरण; बीती रात करीब 11 बजे के आसपास खेरवाड़ा थाना पुलिस की टीम नेशनल हाईवे 48 पर टोल प्लाजा के पास गश्त पर थी। सूचना के आधार पर पुलिस अवैध शराब तस्करी पर नजर रख रही थी, क्योंकि यह इलाका गुजरात सीमा से सटा हुआ है और यहां से शराब की तस्करी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन (नंबर डिटेल उपलब्ध नहीं) को देखते ही पुलिस ने सिग्नल देकर रोक लिया। चालक ने वाहन रोक तो लिया, लेकिन उसकी घबराहट से पुलिस को शक हो गया।पुलिस टीम ने वाहन की तलाशी ली तो ऊपर से गाजरों से लदी हुई दिखने वाली पिकअप के अंदर गाजरों के नीचे अच्छी तरह छिपाकर रखी गई अवैध शराब के 80 कार्टन बरामद हो गए। प्रत्येक कार्टन में कई बोतलें भरी हुई थीं, जो मुख्य रूप से देशी या सस्ती विदेशी ब्रांड की शराब बताई जा रही है। इन कार्टनों को गाजरों की परतों के बीच इस तरह व्यवस्थित किया गया था कि सामान्य नजर में वाहन केवल सब्जी ले जा रहा लगे। तस्कर का मकसद गुजरात ले जाकर इस शराब को ऊंचे दाम पर बेचना था, जहां शराबबंदी कानून के कारण काला बाजार फल-फूल रहा है।
जब्त सामान और आर्थिक नुकसान पुलिस ने जब्त की गई अवैध शराब के कार्टनों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई है। यह मूल्य बाजार दर के आधार पर लगाया गया है, जिसमें तस्करी के प्रॉफिट मार्जिन को भी शामिल किया गया है। पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है, जिसकी कीमत अलग से जुड़ने वाली है। इस कार्रवाई से न केवल तस्करी का नेटवर्क झटका लगा है, बल्कि अवैध शराब के कारोबार को बड़ा आर्थिक नुकसान भी पहुंचा है। खेरवाड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि यह शराब राजस्थान के किसी स्थानीय ब्रूअरी या अवैध उत्पादन इकाई से आई लग रही है, जिसकी आगे जांच की जा रही है।