जयपुर में घोड़े की नाल का अनोखा व्यापार: सुख-समृद्धि की मान्यता के साथ बेरोजगारी से जूझते घोड़ा बग्घी वालों की नई तरकीब

जयपुर में घोड़ा बग्घी वालों ने बेरोजगारी से जूझते हुए घोड़े की नाल के व्यापार की अनोखी तरकीब निकाली है। सुख-समृद्धि की मान्यता को आधार बनाकर, वे सड़क पर नाल गिराकर लोगों से 1100-2100 रुपये में सौदा करते हैं। यह व्यापार उनकी आजीविका का सहारा बन रहा है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
June 2, 2025 • 10:36 PM  553
राजस्थान
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जयपुर में घोड़े की नाल का अनोखा व्यापार: सुख-समृद्धि की मान्यता के साथ बेरोजगारी से जूझते घोड़ा बग्घी वालों की नई तरकीब
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जयपुर में घोड़े की नाल का अनोखा व्यापार: सुख-समृद्धि की मान्यता के साथ बेरोजगारी से जूझते घोड़ा बग्घी वालों की नई तरकीब
फ़ोटो: AI मेटा जनरेटेड

जयपुर, राजस्थान की राजधानी और गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस आधुनिक युग में, जहां समय की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है, कुछ परंपराएं और पुराने व्यवसाय धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। इन्हीं में से एक है घोड़ा बग्घी का पारंपरिक व्यवसाय, जो कभी जयपुर की सड़कों की शान हुआ करता था। आज, ओला-उबर जैसी आधुनिक परिवहन सेवाओं के सामने घोड़ा बग्घी की चमक फीकी पड़ चुकी है। इस बदलते दौर में घोड़ा बग्घी वालों ने अपनी आजीविका चलाने के लिए एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है—घोड़े की नाल का व्यापार। यह न केवल उनकी कमाई का जरिया बन रहा है, बल्कि लोगों की एक पुरानी मान्यता को भी जीवित रख रहा है।

### घोड़ा बग्घी: एक गायब होती परंपरा
एक समय था जब जयपुर की सड़कों पर घोड़ा बग्घी का रुतबा हुआ करता था। पर्यटक हों या स्थानीय लोग, हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर जैसी जगहों की सैर के लिए घोड़ा बग्घी पसंदीदा सवारी थी। इन बग्घियों की सवारी न केवल आरामदायक थी, बल्कि यह शहर की संस्कृति का एक हिस्सा थी। लेकिन समय के साथ, कैब सेवाओं और तेज रफ्तार वाहनों ने घोड़ा बग्घी को लगभग अप्रासंगिक बना दिया। आज, घोड़ा बग्घी वाले पर्यटक स्थलों पर गिने-चुने ही नजर आते हैं, और उनकी कमाई भी काफी कम हो गई है। बेरोजगारी की कगार पर खड़े इन लोगों ने अब अपनी जीविका चलाने के लिए एक नया रास्ता अपनाया है।

### घोड़े की नाल: सुख-समृद्धि की मान्यता
भारतीय संस्कृति में घोड़े की नाल को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में घोड़े की नाल रखी जाती है, वहां सुख-शांति बनी रहती है और व्यवसाय में तरक्की होती है। खास तौर पर, यह नाल तब और प्रभावी मानी जाती है, जब वह किसी घोड़े के पैर से स्वाभाविक रूप से गिर जाए। जयपुर के कुछ घोड़ा बग्घी वालों ने इसी मान्यता को अपनी आजीविका का आधार बनाया है। 

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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