LPG संकट का असर शिव कथा पर: भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में गैस सिलेंडर की जगह 12 मिट्टी की भट्टियां, 20 हजार श्रद्धालुओं को लकड़ी पर बनेगा सात्विक भोजन

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LPG सप्लाई प्रभावित होने से भीलवाड़ा में 8 से 14 अप्रैल तक होने वाली पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रसिद्ध शिव महापुराण कथा में कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं होगा।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
April 6, 2026 • 2:14 PM  23
राजस्थान
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LPG संकट का असर शिव कथा पर: भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में गैस सिलेंडर की जगह 12 मिट्टी की भट्टियां, 20 हजार श्रद्धालुओं को लकड़ी पर बनेगा सात्विक भोजन
“LPG संकट का असर शिव कथा पर: भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में गैस सिलेंडर की जगह 12 मिट्टी की भट्टियां, 20 हजार श्रद्धालुओं को लकड़ी पर बनेगा सात्विक भोजन”
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6 Apr 2026
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LPG संकट का असर शिव कथा पर: भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में गैस सिलेंडर की जगह 12 मिट्टी की भट्टियां, 20 हजार श्रद्धालुओं को लकड़ी पर बनेगा सात्विक भोजन

भीलवाड़ा। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की लपटें अब भारत के धार्मिक आयोजनों तक पहुंच गई हैं। LPG सिलेंडरों की कमी ने भीलवाड़ा में विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की ‘श्री शिव महापुराण कथा’ की तैयारियों पर असर डाला है।

8 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित होने वाली सात दिवसीय कथा में इस बार कमर्शियल गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यह शायद पहला ऐसा बड़ा मौका है जब पंडित प्रदीप मिश्रा की इतनी विशाल कथा में पूरी तरह पारंपरिक तरीके से भोजन पकाया जाएगा।
12 मिट्टी की भट्टियां संभालेंगी 700 सिलेंडरों का काम
आयोजन समिति ने गैस की किल्लत को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। पन्नाधाय सर्किल के पास विशाल भोजनशाला में 12 पारंपरिक मिट्टी की भट्टियां तैयार की गई हैं। भोजन व्यवस्था प्रभारी राजेश कुदाल ने बताया कि ये भट्टियां करीब 700 कमर्शियल गैस सिलेंडरों के बराबर काम करेंगी।
भोजन पकाने में पूरी तरह लकड़ी का उपयोग किया जाएगा। आयोजन समिति ने पहले से ही लकड़ियों का भारी स्टॉक जमा कर लिया है, ताकि सप्लाई में कोई दिक्कत न आए। एक साथ 70 से अधिक मुख्य हलवाई भोजन बनाने का मोर्चा संभालेंगे, जबकि भोजन बनाने से लेकर वितरण तक 250 से ज्यादा स्वयंसेवक कार्यकर्ता तैनात रहेंगे।
रोटी मशीन और आकर्षक मेन्यू
श्रद्धालुओं को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए जयपुर से एक स्पेशल रोटी मेकिंग मशीन मंगवाई गई है, जो एक घंटे में 2800 चपातियां तैयार कर सकती है।
सात दिनों तक श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सुबह-शाम लापसी, बूंदी, मीठे चावल, सूजी का हलवा, दाल-पूड़ी, मिक्स सब्जी, दाना मेथी की सब्जी, चावल और चपाती परोसी जाएगी। भोजन बनाने और वितरण की जिम्मेदारी विशेष रूप से महिला कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जिससे व्यवस्था में सात्विकता और शुद्धता बनी रहे।
20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उम्मीद, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कथा को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह है। राजस्थान के अलावा पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं। आयोजकों का अनुमान है कि रोजाना 20 हजार से ज्यादा लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी होगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 1500 जवान दूसरे जिलों से बुलाए गए हैं। यातायात प्रबंधन, ठहरने और पेयजल की व्यवस्था अंतिम चरण में है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार जायजा ले रही हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा हमेशा से भक्ति और श्रद्धा का केंद्र रही है। इस बार LPG संकट के कारण अपनाया गया पारंपरिक तरीका न केवल व्यवस्था को सुचारू रखेगा, बल्कि भोजन में सादगी और शुद्धता भी बढ़ाएगा। श्रद्धालु अब इस अनोखे आयोजन का इंतजार कर रहे हैं, जहां शिव भक्ति के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय रसोई की झलक भी देखने को मिलेगी।

 

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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