साथ ही जगतपुरा और वैशाली नगर तक मेट्रो विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही गई है। इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप योजना तैयार की जाएगी।
जेडीए में भर्तियां और ट्रैफिक मैनेजमेंट
मंत्री ने बताया कि जेडीए में खाली पदों को भरने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी जा चुकी है। शहर में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आरआईटीईएस से सर्वे कराया गया है और कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली के विशेषज्ञ भी जयपुर का दौरा कर चुके हैं और उनकी टीम जल्द ही विस्तृत अध्ययन करेगी। महज 12 करोड़ रुपये की लागत से महल रोड को सिग्नल फ्री बनाने का काम भी किया जा रहा है।
हाउसिंग बोर्ड की नई योजनाएं
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 380 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च किए हैं। जयपुर के प्रताप नगर में 336 आवासों और 132 शोरूम के निर्माण के लिए मार्च 2026 में टेंडर जारी किए जाएंगे। मास्टर डेवलपमेंट प्लान-2047 के तहत 679 नए राजस्व गांवों को जेडीए में शामिल किया गया है।
आईपीडी टावर पर सरकार का तंज
यूडीएच मंत्री ने एसएमएस अस्पताल के आईपीडी टावर को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1200 बेड के अस्पताल के लिए केवल 190 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि टावर को 27 मंजिला बनाने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही भवन निर्माण में मध्यप्रदेश से पत्थर मंगाने पर भी आपत्ति जताई।
सरकार का दावा है कि मंदिर विकास, मेट्रो विस्तार और शहरी आधारभूत ढांचे के इन कदमों से जयपुर को एक नई पहचान मिलेगी और पर्यटन व यातायात दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।