इलेक्ट्रिक कारें बनेंगी बिजली का पावर बैंक, V2G तकनीक लाएगी नई क्रांति
व्हीकल-टू-ग्रिड (V2G) तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल चार्ज करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनकी बैटरी से अतिरिक्त बिजली वापस ग्रिड में भेजने की सुविधा भी देती है। यह तकनीक बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने, नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग और वाहन मालिकों को अतिरिक्त आय का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दुनिया में व्हीकल-टू-ग्रिड (Vehicle-to-Grid - V2G) तकनीक को अगली बड़ी क्रांति माना जा रहा है। यह एक उन्नत दो-तरफा (Bi-directional) चार्जिंग प्रणाली है, जिसके जरिए इलेक्ट्रिक कारें केवल बिजली लेकर चार्ज ही नहीं होतीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अपने बैटरी में संग्रहीत अतिरिक्त बिजली को वापस पावर ग्रिड में भी भेज सकती हैं।
V2G तकनीक भविष्य में बिजली की मांग और आपूर्ति के संतुलन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। खासकर जब बिजली की मांग (Peak Load) अचानक बढ़ जाती है, तब हजारों इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां एक छोटे ऊर्जा भंडार (Energy Storage System) की तरह काम कर सकती हैं और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध करा सकती हैं।
कैसे काम करती है V2G तकनीक?