एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, पिंकेश जैन और मोहित यादव ने रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान को पत्र लिखकर दीनदयाल कुमावत को कन्वीनर पद से हटाने और नए संयोजक की नियुक्ति की मांग की है। उनका आरोप है कि कुमावत ने नियमों के विपरीत RCA को ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 5 फरवरी 2026 को ट्रस्ट पंजीकरण से जुड़ा फॉर्म नोटरी कराया गया था। इसी दिन राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने सिविल रिट याचिका संख्या 2564/2026 (देवी सिंह बनाम राजस्थान राज्य व अन्य) में आदेश पारित करते हुए दीनदयाल कुमावत को एडहॉक कमेटी के कन्वीनर के रूप में कार्य करने से रोक दिया था। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद संयोजक के रूप में आवेदन करना न्यायालय की अवहेलना की श्रेणी में आता है।
एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिछले करीब 20 दिनों से RCA के बैंक खाते संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते जीएसटी, टीडीएस और अन्य कर संबंधी भुगतान समय पर नहीं हो सके हैं। साथ ही, पूर्व के एक आदेश (याचिका संख्या 64/2011) के तहत सर्विस टैक्स से जुड़े मासिक भुगतान भी प्रभावित हुए हैं। यदि भुगतान में देरी जारी रहती है, तो संस्था को अतिरिक्त आर्थिक दंड और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चारों सदस्यों ने रजिस्ट्रार से आग्रह किया है कि RCA के सुचारू संचालन के लिए जल्द से जल्द नए कन्वीनर की नियुक्ति की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो राजस्थान क्रिकेट प्रशासन गंभीर संकट में फंस सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान क्रिकेट की राजनीति फिर से चर्चा में है। अब सभी की नजरें सहकारिता विभाग और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।