डॉक्टर गायब, रेडियोग्राफर बना 'डॉक्टर'! मरीजों को लिखीं दवाइयां, जांच के आदेश
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उप जिला अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के बीच रेडियोग्राफर द्वारा मरीजों की जांच करने और दवाइयां लिखने का मामला सामने आया है।
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह अस्पताल खुलने के समय इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसी दौरान एक्स-रे विभाग में कार्यरत एक रेडियोग्राफर डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को देखते और दवाइयां लिखते नजर आए। घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। मरीजों का आरोप है कि काफी देर तक अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसी बीच रेडियोग्राफर बाबूलाल कुमावत चिकित्सा प्रभारी (पीएमओ) के चैंबर में बैठकर मरीजों की समस्याएं सुनते, उनकी जांच करते और उपचार से जुड़ी सलाह देते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उन्होंने मरीजों के लिए पर्चियां भी लिखीं, आई ड्रॉप और दर्द निवारक दवाइयां लिखीं तथा पर्चियों पर अपने हस्ताक्षर भी किए।
घटना के बाद मरीजों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, तब मरीजों की जिम्मेदारी किसके भरोसे छोड़ी गई थी। लोगों का कहना है कि किसी गैर-अधिकृत कर्मचारी द्वारा मरीजों की जांच और दवा लिखना गंभीर लापरवाही है, जिससे मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।